सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, मंगल, 13 नवंबर 2029

मंगल, 13 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:17 – दोपहर 3:39 है।

सूर्योदय
सुबह 6:05
सूर्यास्त
शाम 5:01
तिथि
अष्टमी · शाम 6:26 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा · रात 1:07 तक
योग
गण्ड
करण
विष्टि
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:17 – दोपहर 3:39
यमगंड
सुबह 8:49 – सुबह 10:11
गुलिक काल
सुबह 11:33 – दोपहर 12:55
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:06 – सुबह 11:54
अमृत काल
सुबह 8:08 – सुबह 9:30

पूरा पंचांग खोलें

आज पटना में

मंगल, 13 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:17 – दोपहर 3:39 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 14 नवंबर 2029नवमीशतभिषासुबह 11:33 – दोपहर 12:55
गुरु, 15 नवंबर 2029दशमीपूर्वा भाद्रपददोपहर 12:55 – दोपहर 2:17
शुक्र, 16 नवंबर 2029एकादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 10:12 – सुबह 11:34
शनि, 17 नवंबर 2029द्वादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:51 – सुबह 10:12
रवि, 18 नवंबर 2029त्रयोदशीरेवतीदोपहर 3:38 – शाम 4:59
सोम, 19 नवंबर 2029चतुर्दशीअश्विनीसुबह 7:31 – सुबह 8:52

सामान्य प्रश्न

मंगल, 13 नवंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; शाम 6:26 तक।

मंगल, 13 नवंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; रात 1:07 तक।

मंगल, 13 नवंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 2:17 – दोपहर 3:39 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 13 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:05 और सूर्यास्त शाम 5:01 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।