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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, गुरु, 15 नवंबर 2029

गुरु, 15 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग ध्रुव और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:55 – दोपहर 2:17 है।

सूर्योदय
सुबह 6:06
सूर्यास्त
शाम 5:00
तिथि
दशमी · रात 9:20 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · तड़के 5:21 तक
योग
ध्रुव
करण
तैतिल
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 12:55 – दोपहर 2:17
यमगंड
सुबह 6:06 – सुबह 7:28
गुलिक काल
सुबह 8:50 – सुबह 10:12
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:06 – सुबह 11:54
अमृत काल
सुबह 10:53 – दोपहर 12:14

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आज पटना में

गुरु, 15 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग ध्रुव और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:55 – दोपहर 2:17 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 16 नवंबर 2029एकादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 10:12 – सुबह 11:34
शनि, 17 नवंबर 2029द्वादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:51 – सुबह 10:12
रवि, 18 नवंबर 2029त्रयोदशीरेवतीदोपहर 3:38 – शाम 4:59
सोम, 19 नवंबर 2029चतुर्दशीअश्विनीसुबह 7:31 – सुबह 8:52
मंगल, 20 नवंबर 2029चतुर्दशीभरणीदोपहर 2:17 – दोपहर 3:38
बुध, 21 नवंबर 2029पूर्णिमाकृत्तिकासुबह 11:35 – दोपहर 12:56

सामान्य प्रश्न

गुरु, 15 नवंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; रात 9:20 तक।

गुरु, 15 नवंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; तड़के 5:21 तक।

गुरु, 15 नवंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 12:55 – दोपहर 2:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 15 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:06 और सूर्यास्त शाम 5:00 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।