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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, सोम, 19 नवंबर 2029

सोम, 19 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र अश्विनी, योग सिद्धि और करण गर है। राहु काल सुबह 7:31 – सुबह 8:52 है।

सूर्योदय
सुबह 6:09
सूर्यास्त
शाम 4:59
तिथि
चतुर्दशी · सुबह 7:02 तक
नक्षत्र
अश्विनी · दोपहर 2:00 तक
योग
सिद्धि
करण
गर
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:31 – सुबह 8:52
यमगंड
सुबह 10:13 – सुबह 11:34
गुलिक काल
दोपहर 12:55 – दोपहर 2:17
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:07 – सुबह 11:55
अमृत काल
सुबह 6:50 – सुबह 8:11

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आज पटना में

सोम, 19 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र अश्विनी, योग सिद्धि और करण गर है। राहु काल सुबह 7:31 – सुबह 8:52 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 20 नवंबर 2029चतुर्दशीभरणीदोपहर 2:17 – दोपहर 3:38
बुध, 21 नवंबर 2029पूर्णिमाकृत्तिकासुबह 11:35 – दोपहर 12:56
गुरु, 22 नवंबर 2029प्रतिपदारोहिणीदोपहर 12:56 – दोपहर 2:17
शुक्र, 23 नवंबर 2029द्वितीयामृगशिरासुबह 10:14 – सुबह 11:35
शनि, 24 नवंबर 2029तृतीयाआर्द्रासुबह 8:54 – सुबह 10:15
रवि, 25 नवंबर 2029चतुर्थीपुनर्वसुदोपहर 3:37 – शाम 4:58

सामान्य प्रश्न

सोम, 19 नवंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; सुबह 7:02 तक।

सोम, 19 नवंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; दोपहर 2:00 तक।

सोम, 19 नवंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 7:31 – सुबह 8:52 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 19 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:09 और सूर्यास्त शाम 4:59 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।