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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, बुध, 14 नवंबर 2029

बुध, 14 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र शतभिषा, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:33 – दोपहर 12:55 है।

सूर्योदय
सुबह 6:06
सूर्यास्त
शाम 5:01
तिथि
नवमी · रात 7:36 तक
नक्षत्र
शतभिषा · रात 3:00 तक
योग
वृद्धि
करण
बालव
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:33 – दोपहर 12:55
यमगंड
सुबह 7:28 – सुबह 8:50
गुलिक काल
सुबह 10:11 – सुबह 11:33
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:06 – सुबह 11:54
अमृत काल
सुबह 9:30 – सुबह 10:52

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आज पटना में

बुध, 14 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र शतभिषा, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:33 – दोपहर 12:55 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 15 नवंबर 2029दशमीपूर्वा भाद्रपददोपहर 12:55 – दोपहर 2:17
शुक्र, 16 नवंबर 2029एकादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 10:12 – सुबह 11:34
शनि, 17 नवंबर 2029द्वादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:51 – सुबह 10:12
रवि, 18 नवंबर 2029त्रयोदशीरेवतीदोपहर 3:38 – शाम 4:59
सोम, 19 नवंबर 2029चतुर्दशीअश्विनीसुबह 7:31 – सुबह 8:52
मंगल, 20 नवंबर 2029चतुर्दशीभरणीदोपहर 2:17 – दोपहर 3:38

सामान्य प्रश्न

बुध, 14 नवंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 7:36 तक।

बुध, 14 नवंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; रात 3:00 तक।

बुध, 14 नवंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 11:33 – दोपहर 12:55 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 14 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:06 और सूर्यास्त शाम 5:01 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।