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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, रवि, 9 मार्च 2031

रवि, 9 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग सुकर्मा और करण बव है। राहु काल शाम 4:42 – शाम 6:11 है।

सूर्योदय
सुबह 6:22
सूर्यास्त
शाम 6:11
तिथि
पूर्णिमा · सुबह 10:00 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · दोपहर 2:40 तक
योग
सुकर्मा
करण
बव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:42 – शाम 6:11
यमगंड
दोपहर 12:17 – दोपहर 1:45
गुलिक काल
दोपहर 3:14 – शाम 4:42
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
अमृत काल
दोपहर 1:01 – दोपहर 2:29

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आज लखनऊ में

रवि, 9 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग सुकर्मा और करण बव है। राहु काल शाम 4:42 – शाम 6:11 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 10 मार्च 2031प्रतिपदाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 7:50 – सुबह 9:19
मंगल, 11 मार्च 2031द्वितीयाहस्तदोपहर 3:14 – शाम 4:43
बुध, 12 मार्च 2031तृतीयाचित्रादोपहर 12:16 – दोपहर 1:45
गुरु, 13 मार्च 2031चतुर्थीस्वातीदोपहर 1:45 – दोपहर 3:14
शुक्र, 14 मार्च 2031षष्ठीविशाखासुबह 10:46 – दोपहर 12:15
शनि, 15 मार्च 2031सप्तमीअनुराधासुबह 9:15 – सुबह 10:45

सामान्य प्रश्न

रवि, 9 मार्च 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; सुबह 10:00 तक।

रवि, 9 मार्च 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; दोपहर 2:40 तक।

रवि, 9 मार्च 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल शाम 4:42 – शाम 6:11 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 9 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:22 और सूर्यास्त शाम 6:11 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।