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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, शनि, 15 मार्च 2031

शनि, 15 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र अनुराधा, योग हर्षण और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:15 – सुबह 10:45 है।

सूर्योदय
सुबह 6:16
सूर्यास्त
शाम 6:14
तिथि
सप्तमी · रात 1:05 तक
नक्षत्र
अनुराधा · सुबह 11:19 तक
योग
हर्षण
करण
विष्टि
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:15 – सुबह 10:45
यमगंड
दोपहर 1:45 – दोपहर 3:15
गुलिक काल
सुबह 6:16 – सुबह 7:46
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:45 – दोपहर 12:33
अमृत काल
दोपहर 2:30 – दोपहर 3:59

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आज लखनऊ में

शनि, 15 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र अनुराधा, योग हर्षण और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:15 – सुबह 10:45 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 16 मार्च 2031अष्टमीज्येष्ठाशाम 4:45 – शाम 6:15
सोम, 17 मार्च 2031नवमीमूलसुबह 7:44 – सुबह 9:14
मंगल, 18 मार्च 2031दशमीपूर्वाषाढ़ादोपहर 3:15 – शाम 4:45
बुध, 19 मार्च 2031एकादशीउत्तराषाढ़ादोपहर 12:14 – दोपहर 1:44
गुरु, 20 मार्च 2031द्वादशीधनिष्ठादोपहर 1:44 – दोपहर 3:15
शुक्र, 21 मार्च 2031त्रयोदशीशतभिषासुबह 10:42 – दोपहर 12:13

सामान्य प्रश्न

शनि, 15 मार्च 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; रात 1:05 तक।

शनि, 15 मार्च 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; सुबह 11:19 तक।

शनि, 15 मार्च 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 9:15 – सुबह 10:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 15 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:16 और सूर्यास्त शाम 6:14 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।