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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, बुध, 12 मार्च 2031

बुध, 12 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र चित्रा, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:16 – दोपहर 1:45 है।

सूर्योदय
सुबह 6:19
सूर्यास्त
शाम 6:13
तिथि
तृतीया · सुबह 7:40 तक
नक्षत्र
चित्रा · दोपहर 2:05 तक
योग
वृद्धि
करण
विष्टि
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:16 – दोपहर 1:45
यमगंड
सुबह 7:48 – सुबह 9:17
गुलिक काल
सुबह 10:47 – दोपहर 12:16
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:46 – दोपहर 12:34
अमृत काल
सुबह 10:02 – सुबह 11:31

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आज लखनऊ में

बुध, 12 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र चित्रा, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:16 – दोपहर 1:45 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 13 मार्च 2031चतुर्थीस्वातीदोपहर 1:45 – दोपहर 3:14
शुक्र, 14 मार्च 2031षष्ठीविशाखासुबह 10:46 – दोपहर 12:15
शनि, 15 मार्च 2031सप्तमीअनुराधासुबह 9:15 – सुबह 10:45
रवि, 16 मार्च 2031अष्टमीज्येष्ठाशाम 4:45 – शाम 6:15
सोम, 17 मार्च 2031नवमीमूलसुबह 7:44 – सुबह 9:14
मंगल, 18 मार्च 2031दशमीपूर्वाषाढ़ादोपहर 3:15 – शाम 4:45

सामान्य प्रश्न

बुध, 12 मार्च 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; सुबह 7:40 तक।

बुध, 12 मार्च 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; दोपहर 2:05 तक।

बुध, 12 मार्च 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 12:16 – दोपहर 1:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 12 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:19 और सूर्यास्त शाम 6:13 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।