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27 में से नक्षत्र 24

शतभिषा नक्षत्र

शतभिषा आपका जन्म नक्षत्र है, वह नक्षत्र जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। इसके देवता जल के स्वामी वरुण हैं और इसका प्रतीक खाली वृत्त है, जो शोध, एकांत और व्यापक दृष्टि की ओर संकेत करते हैं।

क्रम
24
स्वामी ग्रह
राहु
देवता
वरुण
विस्तार
6°40′ कुम्भ – 20°00′ कुम्भ
गण
राक्षस गण
योनि (पशु)
अश्व
नामाक्षर
गो, सा, सी, सू

अपना नक्षत्र मुफ़्त जानें

शतभिषा नक्षत्र का अर्थ

शतभिषा आपका जन्म नक्षत्र है, वह नक्षत्र जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। इसके देवता जल के स्वामी वरुण हैं और इसका प्रतीक खाली वृत्त है, जो शोध, एकांत और व्यापक दृष्टि की ओर संकेत करते हैं। यह शोध, स्वतंत्र कार्य और व्यापक दृष्टि की ओर आकर्षित है; अच्छी संगति इसकी स्वतंत्रता को अकेलेपन में बदलने से बचाती है। इस नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, इसलिए आपके जीवन की पहली विंशोत्तरी दशा राहु की थी, और राहु के विषय, महत्वाकांक्षा, जिज्ञासा और नए की ओर खिंचाव, आपकी भावनाओं और प्रतिक्रियाओं के निकट रहते हैं। इसका गण राक्षस गण है, जिसे परंपरा स्वतंत्रता, दृढ़ इच्छाशक्ति और रक्षक ऊर्जा के रूप में पढ़ती है। कई परिवार नामकरण के लिए इस नक्षत्र के अक्षरों का उपयोग करते हैं, और इससे गिना जाने वाला तारा-चक्र शुभ दिन चुनने में काम आता है।

शतभिषा नक्षत्र के नामाक्षर

शतभिषा के चार चरणों के आरंभिक अक्षर गो, सा, सी, सू हैं। नक्षत्र के अनुसार नाम रखने वाले परिवार बच्चे के चरण का अक्षर चुनते हैं।

परंपरा और स्वभाव

शतभिषा नक्षत्र के देवता वरुण हैं। खाली वृत्त इसका प्रतीक है; इसे सौ वैद्यों का नक्षत्र कहा जाता है, रोग दूर करने का ज्ञान इसका स्वभाव है। इसके जातक एकांत में गहरा चिंतन करना पसंद करते हैं। शास्त्र इसे चर नक्षत्र मानते हैं। चलने फिरने वाले कार्य, जैसे यात्रा आरंभ करना, वाहन खरीदना, बाग़बानी, स्थान परिवर्तन और नई पढ़ाई शुरू करना, इस दिन शुभ माने जाते हैं।

शतभिषा से शुरू होने वाली दशा

शतभिषा का स्वामी राहु है, इसलिए जीवन 18 वर्ष की राहु महादशा से शुरू होता है। राहु की महादशा अठारह वर्ष की होती है और महत्वाकांक्षा, परिवर्तन और नए या अपरिचित क्षेत्रों, जैसे तकनीक, यात्रा, विदेशी संपर्क या अलग राहों, की ओर खिंचाव लाती है। यह तेज़ी से द्वार खोलकर आपकी दुनिया बड़ी कर सकती है। इच्छाएँ प्रबल रहने से स्थिर करने वाली आदतें, ईमानदार सलाह और बड़े कदमों से पहले तथ्यों की जाँच इसे संतुलित रखती है। राहु जिस राशि में है उसके स्वामी के माध्यम से काम करता है, इसलिए इस दशा को पढ़ते समय उस ग्रह को भी देखें।

जन्म नक्षत्र कैसे निकाला जाता है

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र है। राशिचक्र 13°20′ के 27 बराबर भागों में बँटा है और हर भाग 3°20′ के चार चरणों में। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है, इसलिए सही जन्म समय और स्थान बहुत ज़रूरी हैं। ये पृष्ठ लाहिड़ी अयनांश के साथ निरयन गणना का उपयोग करते हैं।

शतभिषा का व्यावहारिक उपयोग

नामकरण, विवाह मिलान, शुभ दिन चुनना (तारा बल) और विंशोत्तरी दशा की पहली अवधि, इन सबमें जन्म नक्षत्र काम आता है। नक्षत्र कुंडली की केवल एक परत है; यहाँ दी गई बातों को निश्चित फल नहीं, प्रवृत्तियाँ समझें। पूरी कुंडली बनाने पर चंद्रमा की राशि, भाव और अन्य ग्रहों से संबंध दिखते हैं।

शतभिषा से सबसे अधिक मेल खाने वाले नक्षत्र
साथी का नक्षत्रनक्षत्र पोरुथमअष्टकूट अंक (नक्षत्र आधारित)
आश्लेषा5/79/21
ज्येष्ठा5/79/21
रोहिणी4/79/21
मृगशिरा4/79/21
पुनर्वसु4/79/21
पूर्व फाल्गुनी4/79/21

सामान्य प्रश्न

शतभिषा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु है। इसलिए इस नक्षत्र में जन्मे लोगों का जीवन राहु की दशा से शुरू होता है; पूरी दशा 18 वर्ष की है और जन्म के समय बचा भाग चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करता है।

शतभिषा नक्षत्र के देवता कौन हैं?

शतभिषा नक्षत्र के अधिदेवता वरुण हैं। शास्त्र नक्षत्र के स्वभाव को समझाने के लिए देवता का प्रयोग करते हैं।

शतभिषा किस राशि में आता है?

शतभिषा 6°40′ कुम्भ – 20°00′ कुम्भ तक फैला है, इसलिए यह कुम्भ राशि में आता है। दो राशियों में फैले नक्षत्र में चरण से राशि तय होती है।

शतभिषा नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?

शतभिषा के चार चरणों के आरंभिक अक्षर हैं: गो, सा, सी, सू। परिवार की परंपरा के अनुसार वर्तनी थोड़ी बदल सकती है।

शतभिषा नक्षत्र का गण क्या है?

शतभिषा राक्षस गण का नक्षत्र है। विवाह मिलान में गण कूट स्वभाव की तुलना करता है।

विवाह के लिए शतभिषा से कौन से नक्षत्र मेल खाते हैं?

इस पृष्ठ की तालिका साथी नक्षत्रों को इस आधार पर क्रम देती है कि सात नक्षत्र पोरुथम में से कितने मिलते हैं और अष्टकूट अंक कितने हैं। पूरे मिलान के लिए दोनों की राशि, रज्जु, वेध और पूरी कुंडली भी देखी जाती है।

क्या शतभिषा शुभ नक्षत्र है?

कोई नक्षत्र अपने आप में शुभ या अशुभ नहीं होता। हर नक्षत्र की अपनी शक्तियाँ और सीख हैं; कुंडली के बाकी योग तय करते हैं कि वे कैसे प्रकट होंगी।

कैसे जानें कि मेरा नक्षत्र शतभिषा है?

मुफ़्त कुंडली में अपनी जन्म तिथि, सही समय और स्थान डालें। चंद्रमा का नक्षत्र, चरण और वर्तमान दशा दिखाई देगी।

क्या लाहिड़ी या KP अयनांश से नक्षत्र बदल सकता है?

लाहिड़ी और कृष्णमूर्ति (KP) मानों में कुछ कला का ही अंतर है; नक्षत्र तभी बदल सकता है जब चंद्रमा दो नक्षत्रों की सीमा पर हो।

जब चंद्रमा शतभिषा में गोचर करे तो क्या करें?

लगभग हर 27 दिन में आने वाला यह दिन जन्म नक्षत्र दिवस है। कई लोग इस दिन बड़े आरंभ टालकर पूजा और शांत काम करते हैं; पंचांग में यह दिन देख सकते हैं।

यह नक्षत्र किस श्रेणी का है?

यह चर नक्षत्र है। चंद्रमा जब इस नक्षत्र में हो, उस दिन कोई कार्य आरंभ करने से पहले पंचांग में तिथि, वार और राहु काल भी देखना चाहिए।

इस नक्षत्र के दिन क्या करना शुभ है?

यात्रा, स्थान परिवर्तन और नए प्रयासों के लिए यह दिन अच्छा है। जन्म नक्षत्र के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ और ज़रूरतमंदों को भोजन कराना परंपरा है; यात्रा से पहले गणेश जी को प्रणाम करें।