राशि गाइड
कन्या राशि
कन्या लग्न के साथ आप बारीकियों पर ध्यान देते हैं और सावधान प्रयास से चीज़ें बेहतर बनाना पसंद करते हैं। आप मददगार और व्यावहारिक हैं; खुद के प्रति नरमी मानकों को चिंता बनने से रोकती है।
- स्वामी
- बुध
- तत्व
- पृथ्वी
- स्वभाव
- द्विस्वभाव
- चिह्न
- कन्या
- दिशा
- दक्षिण
- नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा
जब कन्या लग्न हो
कन्या लग्न के साथ आप बारीकियों पर ध्यान देते हैं और सावधान प्रयास से चीज़ें बेहतर बनाना पसंद करते हैं। आप मददगार और व्यावहारिक हैं; खुद के प्रति नरमी मानकों को चिंता बनने से रोकती है।
कन्या राशि का स्वभाव
कन्या पृथ्वी तत्व और द्विस्वभाव स्वभाव की राशि है, जिसका स्वामी बुध है। इसका चिह्न कन्या है; शास्त्र इसे कमर और दक्षिण दिशा से जोड़ते हैं।
स्वभाव और जीवन शैली
कन्या राशि के लोग बारीकी और व्यवस्था पसंद करते हैं। हाथ में धान की बाली लिए कन्या का प्रतीक इनकी शुद्धता और सेवा भाव दिखाता है। छोटी सी भूल भी पकड़ लेते हैं; अपने प्रति भी नरमी रखें तो मन शांत रहता है। पृथ्वी तत्व की राशि होने से व्यावहारिक सोच और धैर्य स्वभाव में है। बदलाव को धीरे धीरे स्वीकार करते हैं; प्रकृति के बीच समय बिताना इन्हें नई ऊर्जा देता है।
परंपरागत उपासना
राशि स्वामी बुध होने के कारण बुधवार को गणेश जी और भगवान विष्णु की पूजा तथा विष्णु सहस्रनाम का पाठ परंपरागत उपाय है। हरी मूँग का दान और विद्यार्थियों की सहायता बुध के अनुकूल है।
कन्या में उच्च और नीच ग्रह
शुक्र यहाँ नीच का होता है और कुंडली के अन्य योगों का सहारा चाहता है।
कन्या के नक्षत्र
कन्या में आने वाले नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा हैं। राशि के भीतर आपके चंद्रमा का नक्षत्र कन्या की हर बात को सूक्ष्म बनाता है।
चंद्र राशि, लग्न और सूर्य राशि
भारतीय ज्योतिष में राशि का अर्थ प्रायः जन्म के समय चंद्रमा की राशि होता है; दैनिक राशिफल, साढ़ेसाती और विवाह मिलान इसी से देखे जाते हैं। लग्न शरीर और दृष्टिकोण, तथा सूर्य राशि उद्देश्य दर्शाती है। तीनों अलग हो सकती हैं।
मिलान और गोचर में कन्या
राशि मिलान कन्या की राशि से वर की राशि तक गिनकर देखा जाता है। कन्या से पहले, कन्या में और बाद वाली राशि में शनि का गोचर इस राशि वालों की साढ़ेसाती है। इस पृष्ठ की तालिका हर जोड़ी का विस्तृत पृष्ठ खोलती है।
| साथी की राशि | राशि मिलान |
|---|---|
| मेष | सावधानी |
| वृषभ | अनुकूल |
| मिथुन | अनुकूल |
| कर्क | अनुकूल |
| सिंह | सावधानी |
| तुला | सावधानी |
| वृश्चिक | अनुकूल |
| धनु | अनुकूल |
| मकर | अनुकूल |
| कुम्भ | सावधानी |
| मीन | अनुकूल |
सामान्य प्रश्न
कन्या राशि का स्वामी कौन है?
कन्या का स्वामी बुध है। आपकी कुंडली में बुध की स्थिति इस राशि के प्रकट होने को बहुत प्रभावित करती है।
कन्या किस तत्व की राशि है?
कन्या पृथ्वी तत्व और द्विस्वभाव स्वभाव की राशि है।
कन्या राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
कन्या में पूर्ण या आंशिक रूप से आने वाले नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा।
कन्या राशि में कौन सा ग्रह नीच का होता है?
कन्या में शुक्र नीच का होता है।
कन्या राशि का चिह्न क्या है?
कन्या का चिह्न कन्या है।
कन्या के साथ कौन सी राशियाँ मेल खाती हैं?
इस पृष्ठ की तालिका हर जोड़ी का राशि मिलान दिखाती है। पूरे मिलान के लिए दोनों के नक्षत्र और पूरी कुंडली चाहिए।
क्या कन्या पश्चिमी कन्या के समान है?
नाम का भाग वही है, पर निरयन राशिचक्र सायन से लगभग 24° पीछे है, इसलिए आपकी वैदिक राशि प्रायः पश्चिमी राशि से एक पहले होती है।
अपनी राशि कैसे जानें?
आपकी राशि चंद्र राशि है। सही जन्म समय और स्थान के साथ मुफ़्त कुंडली बनाएँ।
इस राशि के लिए कौन से कार्यक्षेत्र अनुकूल हैं?
लेखा, चिकित्सा, शोध, संपादन, स्वास्थ्य और पोषण जैसे सटीकता वाले क्षेत्र इनके लिए अनुकूल हैं। फिर भी करियर का निर्णय पूरी कुंडली में दशम भाव और दशा देखकर ही करना चाहिए।
इस राशि के लिए कौन सा रत्न और रंग शुभ है?
राशि स्वामी का रत्न पन्ना परंपरा से बताया जाता है; शुभ रंग हरा और शुभ दिन बुधवार है। पर रत्न धारण करने से पहले लग्न और ग्रहों का बल पूरी कुंडली में देखना चाहिए, यही शास्त्र की सलाह है।