27 में से नक्षत्र 13
हस्त नक्षत्र
हस्त आपका जन्म नक्षत्र है, वह नक्षत्र जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। इसके देवता जीवनदायी सविता हैं और इसका प्रतीक खुला हाथ है, जो हस्त-कौशल, व्यावहारिक बुद्धि और हास्य की ओर संकेत करते हैं।
- क्रम
- 13
- स्वामी ग्रह
- चंद्र
- देवता
- सविता (सूर्य)
- विस्तार
- 10°00′ कन्या – 23°20′ कन्या
- गण
- देव गण
- योनि (पशु)
- महिष
- नामाक्षर
- पू, ष, ण, ठ
हस्त नक्षत्र का अर्थ
हस्त आपका जन्म नक्षत्र है, वह नक्षत्र जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। इसके देवता जीवनदायी सविता हैं और इसका प्रतीक खुला हाथ है, जो हस्त-कौशल, व्यावहारिक बुद्धि और हास्य की ओर संकेत करते हैं। यह कुशल हाथ और व्यावहारिक मन देता है; जहाँ शिल्प, बारीकी और हास्य मिलते हैं, वहाँ यह अच्छा करता है। इस नक्षत्र के स्वामी चंद्र हैं, इसलिए आपके जीवन की पहली विंशोत्तरी दशा चंद्र की थी, और चंद्र के विषय, भावनाएँ, स्मृति और मन का सुकून, आपकी भावनाओं और प्रतिक्रियाओं के निकट रहते हैं। इसका गण देव गण है: सौम्य, आदर्शवादी और लोगों में अच्छाई देखने वाला स्वभाव। कई परिवार नामकरण के लिए इस नक्षत्र के अक्षरों का उपयोग करते हैं, और इससे गिना जाने वाला तारा-चक्र शुभ दिन चुनने में काम आता है।
हस्त नक्षत्र के नामाक्षर
हस्त के चार चरणों के आरंभिक अक्षर पू, ष, ण, ठ हैं। नक्षत्र के अनुसार नाम रखने वाले परिवार बच्चे के चरण का अक्षर चुनते हैं।
परंपरा और स्वभाव
हस्त नक्षत्र के देवता सूर्य के रूप सविता हैं। खुली हथेली इसका प्रतीक है; हाथ का कौशल, कला और व्यापार की चतुराई इसका स्वभाव है। परंपरा कहती है कि इसके जातक विनोदी और सेवाभावी होते हैं। शास्त्र इसे क्षिप्र नक्षत्र मानते हैं। जल्दी पूरे होने वाले कार्य, जैसे व्यापार आरंभ, औषधि सेवन की शुरुआत, विद्या और कला का अभ्यास, आभूषण पहनना, इस दिन शुभ हैं।
हस्त से शुरू होने वाली दशा
हस्त का स्वामी चन्द्र है, इसलिए जीवन 10 वर्ष की चन्द्र महादशा से शुरू होता है। चंद्र की महादशा दस वर्ष की होती है और ध्यान भावनाओं, घर, परिवार और आसपास के लोगों की ओर ले जाती है। यह अक्सर पोषण देने और पाने, निवास या दिनचर्या में बदलाव, और जनता या माता-तुल्य लोगों से निकटता का समय होता है। मन अधिक संवेदनशील रहता है, इसलिए विश्राम, नियमित लय और सहयोगी संगति महत्वपूर्ण हैं। रचनात्मकता, आतिथ्य और दूसरों की देखभाल फलती-फूलती है। आपकी कुंडली में चंद्र की राशि, भाव और पक्ष बताते हैं कि यह भावनात्मक मौसम कितना सहज रहेगा।
जन्म नक्षत्र कैसे निकाला जाता है
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र है। राशिचक्र 13°20′ के 27 बराबर भागों में बँटा है और हर भाग 3°20′ के चार चरणों में। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है, इसलिए सही जन्म समय और स्थान बहुत ज़रूरी हैं। ये पृष्ठ लाहिड़ी अयनांश के साथ निरयन गणना का उपयोग करते हैं।
हस्त का व्यावहारिक उपयोग
नामकरण, विवाह मिलान, शुभ दिन चुनना (तारा बल) और विंशोत्तरी दशा की पहली अवधि, इन सबमें जन्म नक्षत्र काम आता है। नक्षत्र कुंडली की केवल एक परत है; यहाँ दी गई बातों को निश्चित फल नहीं, प्रवृत्तियाँ समझें। पूरी कुंडली बनाने पर चंद्रमा की राशि, भाव और अन्य ग्रहों से संबंध दिखते हैं।
| साथी का नक्षत्र | नक्षत्र पोरुथम | अष्टकूट अंक (नक्षत्र आधारित) |
|---|---|---|
| पुनर्वसु | 5/7 | 9/21 |
| पूर्व भाद्रपद | 5/7 | 9/21 |
| भरणी | 4/7 | 9/21 |
| कृत्तिका | 4/7 | 9/21 |
| मृगशिरा | 4/7 | 9/21 |
| आश्लेषा | 4/7 | 9/21 |
सामान्य प्रश्न
हस्त नक्षत्र का स्वामी कौन है?
हस्त नक्षत्र का स्वामी चन्द्र है। इसलिए इस नक्षत्र में जन्मे लोगों का जीवन चन्द्र की दशा से शुरू होता है; पूरी दशा 10 वर्ष की है और जन्म के समय बचा भाग चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करता है।
हस्त नक्षत्र के देवता कौन हैं?
हस्त नक्षत्र के अधिदेवता सविता (सूर्य) हैं। शास्त्र नक्षत्र के स्वभाव को समझाने के लिए देवता का प्रयोग करते हैं।
हस्त किस राशि में आता है?
हस्त 10°00′ कन्या – 23°20′ कन्या तक फैला है, इसलिए यह कन्या राशि में आता है। दो राशियों में फैले नक्षत्र में चरण से राशि तय होती है।
हस्त नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?
हस्त के चार चरणों के आरंभिक अक्षर हैं: पू, ष, ण, ठ। परिवार की परंपरा के अनुसार वर्तनी थोड़ी बदल सकती है।
हस्त नक्षत्र का गण क्या है?
हस्त देव गण का नक्षत्र है। विवाह मिलान में गण कूट स्वभाव की तुलना करता है।
विवाह के लिए हस्त से कौन से नक्षत्र मेल खाते हैं?
इस पृष्ठ की तालिका साथी नक्षत्रों को इस आधार पर क्रम देती है कि सात नक्षत्र पोरुथम में से कितने मिलते हैं और अष्टकूट अंक कितने हैं। पूरे मिलान के लिए दोनों की राशि, रज्जु, वेध और पूरी कुंडली भी देखी जाती है।
क्या हस्त शुभ नक्षत्र है?
कोई नक्षत्र अपने आप में शुभ या अशुभ नहीं होता। हर नक्षत्र की अपनी शक्तियाँ और सीख हैं; कुंडली के बाकी योग तय करते हैं कि वे कैसे प्रकट होंगी।
कैसे जानें कि मेरा नक्षत्र हस्त है?
मुफ़्त कुंडली में अपनी जन्म तिथि, सही समय और स्थान डालें। चंद्रमा का नक्षत्र, चरण और वर्तमान दशा दिखाई देगी।
क्या लाहिड़ी या KP अयनांश से नक्षत्र बदल सकता है?
लाहिड़ी और कृष्णमूर्ति (KP) मानों में कुछ कला का ही अंतर है; नक्षत्र तभी बदल सकता है जब चंद्रमा दो नक्षत्रों की सीमा पर हो।
जब चंद्रमा हस्त में गोचर करे तो क्या करें?
लगभग हर 27 दिन में आने वाला यह दिन जन्म नक्षत्र दिवस है। कई लोग इस दिन बड़े आरंभ टालकर पूजा और शांत काम करते हैं; पंचांग में यह दिन देख सकते हैं।
यह नक्षत्र किस श्रेणी का है?
यह क्षिप्र (लघु) नक्षत्र है। चंद्रमा जब इस नक्षत्र में हो, उस दिन कोई कार्य आरंभ करने से पहले पंचांग में तिथि, वार और राहु काल भी देखना चाहिए।
इस नक्षत्र के दिन क्या करना शुभ है?
जल्दी पूरे होने वाले काम, पढ़ाई, व्यापार और उपचार शुरू करने के लिए यह दिन शुभ है। जन्म नक्षत्र के दिन धन्वंतरि या गुरु को प्रणाम करके विद्यार्थियों को पुस्तकें देना पुण्य है।