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ज्योतिष, वास्तु और पंचांग

आपके जन्म का आकाश, श्रद्धा से पढ़ा गया

कुंडली, गुण मिलान, पंचांग, मुहूर्त, वास्तु और उपाय, आपके सही स्थान और समय के लिए शास्त्रीय रीति से गणित।

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क्या यह महीना नौकरी बदलने के लिए अच्छा है?

गुरु अभी आपके दशम भाव को बल दे रहे हैं। महीने का उत्तरार्ध बदलाव के लिए अधिक स्थिर है।

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आपकी कुंडली, एक कथा के रूप में

शांत स्वर जीवन के हर काल को समझाता है और ग्रह आपकी कुंडली में चलते हैं।

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ज्योतिषी से बातचीत

पूछिए, उत्तर आपकी ही कुंडली से

हर ज्योतिषी आपकी कुंडली पढ़कर दिन रात आपकी भाषा में उत्तर देते हैं।

  • आपकी कुंडली से उत्तर
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मेरा नया काम शुरू करने का शुभ समय कब है?

प्रश्न कुंडली

एक प्रश्न, पूछने के क्षण से उत्तर

बिना जन्म समय के प्रश्नों के लिए प्रश्न कुंडली उस क्षण की कुंडली पढ़ती है। हाँ या ना के लिए आरूढ़।

  • जन्म समय आवश्यक नहीं
  • इसी क्षण की कुंडली
  • कारण सहित स्पष्ट उत्तर

अभी का आकाश, आपके शहर से

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वास्तु

अपना नक्शा बनाएं, हर क्षेत्र देखें

आपके नक्शे पर वास्तु पुरुष मंडल, केरल गृहों के लिए तलवार माप और निर्माण अनुमान।

  • इक्यासी पद मंडल
  • कक्षवार दिशा जांच
  • सामग्री और लागत अनुमान

नौ क्षेत्र, पैंतालीस देवता

ब्रह्मस्थान

वास्तु और फेंग शुई संगम

जहाँ दो परंपराएँ मिलती हैं, वहाँ घर खिलता है

हम आपके नक्शे के बागुआ पर वास्तु पुरुष मंडल रखते हैं और जहाँ दोनों परंपराएँ एक ही सलाह दें वे क्षेत्र प्रकाशित करते हैं, ताकि आप पहले वहीं कदम उठाएँ।

  • एक नक्शे पर मंडल और बागुआ
  • सहमति वाले क्षेत्र पहले चमकते हैं
  • बिना तोड़फोड़ के सौम्य उपाय

9 बागुआ क्षेत्र, 45 मंडल देवता

ब्रह्मस्थान

चीनी ज्योतिष

चार स्तंभ, बारह पशु, एक स्पष्ट फल

जन्म का क्षण आकाशीय तनों और पार्थिव शाखाओं के चार स्तंभ बनता है। हम पंचतत्व का संतुलन और आपके वर्ष का पशु पढ़कर नए आरंभ के शुभ दिन बताते हैं।

  • वर्ष, मास, दिन और घड़ी के स्तंभ
  • पंचतत्व संतुलन सरल शब्दों में
  • मुहूर्त में चीनी काल गणना

12 पशु, 5 तत्व, 60 वर्ष का चक्र

घड़ी
दिन
मास
वर्ष

पाश्चात्य ज्योतिष

जन्म चक्र, गोचर और टैरो एक साथ

सायन जन्म चक्र को भावों और दृष्टियों सहित पढ़ें, आज का गोचर देखें, और चिंतन के लिए तीन पत्तों का फैलाव खोलें।

  • भावों और दृष्टियों सहित जन्म चक्र
  • हर राशि का दैनिक राशिफल
  • तीन पत्तों का टैरो फैलाव

12 भाव, 78 पत्ते, दैनिक गोचर

यंत्र और उपाय

आपकी कुंडली से चुने उपाय

आपकी कुंडली के जिन ग्रहों को ध्यान चाहिए, उनके अनुसार सही दिन और विधि से उपाय।

  • तांबे और चांदी के पट्ट
  • मंत्र, दान और व्रत के दिन
  • वजन और उंगली अनुसार रत्न

नौ ग्रह, नौ रत्न

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स्वास्थ्य

आपके नक्षत्र के अनुसार योग और दिनचर्या

दिन की तिथि और आपके नक्षत्र अनुसार आसन, प्राणायाम और विश्राम।

  • आपके नक्षत्र के आसन
  • होरा अनुसार प्राणायाम
  • सहज दिनचर्या

श्वास, आसन और विश्राम संतुलित

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विश्वसनीय ज्योतिषी और पूजन सामग्री

परामर्श के लिए प्रमाणित ज्योतिषी, और विश्वसनीय निर्माताओं की पूजा सामग्री, यंत्र और रत्न।

  • प्रमाणित ज्योतिषी
  • अभिमंत्रित पूजन सामग्री
  • पूरे भारत में पहुंचाया जाता है

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अकादमी

ज्योतिष क्रम से सीखें

बारह राशियों से दशा और वर्ग कुंडली तक, शास्त्रीय ग्रंथों से छोटे पाठ।

  • आपकी भाषा में पाठ
  • वास्तविक कुंडलियों पर अभ्यास
  • हर शब्द का शब्दकोश

पहली राशि से दशा तक

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कुंडली, पंचांग, मिलान और रिपोर्ट एक ही इंटरफ़ेस से, चौदह भाषाओं में।

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सामान्य प्रश्न

क्या कुंडली सच में निःशुल्क है?

हाँ। कुंडली, पंचांग, गुण मिलान और कैलेंडर सदा निःशुल्क हैं।

आप किन परंपराओं का पालन करते हैं?

तमिल, केरल, उत्तर भारतीय, तेलुगु, कन्नड़ और बंगाली रीतियां, हर एक का अपना पंचांग और मिलान नियम।

क्या सही जन्म समय ज़रूरी है?

लग्न के लिए सहायक है। न हो तो प्रश्न कुंडली पूछने के क्षण से उत्तर देती है।

परिवारों के लिए वैदिक ज्योतिष

ज्योतिष, सीधी-सादी हिंदी में

जन्म कुंडली, विवाह के लिए गुण मिलान, रोज़ का पंचांग, शुभ मुहूर्त और वास्तु, हमारे पुरखों के ये सारे ज्योतिषीय साधन नक्षत्रा एक ही जगह लाता है। हर गणना आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान के हिसाब से ठीक-ठीक की जाती है, और साथ में यह भी बताया जाता है कि उसका अर्थ क्या है और वह कैसे निकाली गई।

यहाँ आप क्या कर सकते हैं

ज़्यादातर परिवार किसी व्यावहारिक सवाल के साथ ज्योतिषी के पास आते हैं: क्या यह रिश्ता ठीक रहेगा? शादी किस महीने में रखें? यह साल इतना भारी क्यों लग रहा है? बच्चे का नक्षत्र क्या कहता है? नक्षत्रा इन्हीं सवालों के इर्द-गिर्द बना है। आप मुफ़्त कुंडली बना सकते हैं, अष्टकूट गुण मिलान और दक्षिण के दस पोरुत्तम से दो कुंडलियाँ मिला सकते हैं, अपने शहर का आज का पंचांग देख सकते हैं, किसी शुभ काम के लिए मुहूर्त ढूँढ सकते हैं और घर का वास्तु जाँच सकते हैं।

हर सेवा अपने आप में पूरी है, पर सबकी नींव एक ही है: आपकी जन्म कुंडली। उसे सहेज लेने के बाद मिलान, दशा, गोचर और दैनिक फल सब उन्हीं ग्रह-स्थितियों का उपयोग करते हैं, इसलिए हर पन्ने पर जवाब एक-सा रहता है।

गणना कैसे होती है

वैदिक ज्योतिष स्थिर तारों पर आधारित निरयन राशिचक्र और अयनांश संशोधन का प्रयोग करता है। नक्षत्रा पहले से लाहिड़ी (चित्रापक्ष) अयनांश अपनाता है; भारत सरकार की पंचांग सुधार समिति ने यही मानक स्वीकार किया था। अगर आपकी परंपरा कोई और अयनांश मानती है तो आप उसे बदल सकते हैं।

ग्रह-स्थितियाँ प्रमाणित खगोलीय आँकड़ों से ली जाती हैं। सूर्योदय, लग्न और भाव-संधियाँ आपके जन्मस्थान के अक्षांश और देशांतर पर निर्भर हैं, इसीलिए हम केवल शहर का नाम नहीं, ठीक जन्मस्थान पूछते हैं। जन्म समय पक्का न हो तो हम अंदाज़ा लगाने के बजाय कुंडली पर ही यह लिख देते हैं।

एक ढर्रा नहीं, हर अंचल की अपनी परंपरा

भारत में ज्योतिष कोई एक पद्धति नहीं है। उत्तर भारत के घरों में हीरे के आकार की कुंडली और 36 गुणों का मिलान देखा जाता है, और पंचांग पूर्णिमांत चलता है: महीना पूर्णिमा के अगले दिन से शुरू होकर पूर्णिमा पर पूरा होता है, इसलिए यहाँ का सावन या कार्तिक दक्षिण से पंद्रह दिन पहले लग जाता है। नया संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से गिना जाता है। तमिल परिवार चौकोर कुंडली और सौर मास मानते हैं, केरल में कोल्लम संवत चलता है। हिंदी चुनने पर नक्षत्रा उत्तर भारतीय कुंडली, पूर्णिमांत पंचांग और यहाँ के प्रचलित शब्द सुझाता है; इनमें से कुछ भी आप बदल सकते हैं।

ऋषियों का आकाश और हमारा जीवन

परंपरा कहती है कि पराशर, वराहमिहिर और गर्ग जैसे ऋषियों ने आकाश को निहारते-निहारते यह शास्त्र रचा। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, बृहज्जातक और सारावली जैसे ग्रंथों ने वह अनुभव पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया। बड़े-बूढ़े कहते हैं कि जैसे चंद्रमा समुद्र में ज्वार-भाटा लाता है, वैसे ही मन को भी हिलोरता है; इसीलिए हमारे यहाँ चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र को इतना महत्त्व मिला।

हमारे ग्रंथ मानते हैं कि सूर्य का प्रकाश और ऋतुओं का चक्र जीवों के प्राण को पोसता है। मकर संक्रांति पर उत्तरायण का स्वागत, चैत्र और आश्विन के नवरात्र में ऋतु-संधि की साधना, ये सब इसी दृष्टि से निकले हैं। नक्षत्रा इस परंपरा का आदर करता है और जो वह कहती है, उसी की भाषा में आप तक पहुँचाता है।

समझ में आने वाले फल

कुंडली तभी काम की है जब आप उसे पढ़ सकें। हर नतीजे के साथ छोटी-सी व्याख्या आती है: योग क्या है, कोई दोष क्यों मायने रखता है या क्यों नहीं, कोई दशा आम तौर पर क्या लाती है। जहाँ ग्रंथ आपस में अलग बात कहते हैं, वहाँ हम साफ़ बताते हैं, और किसी अंक को आपके जीवन का फ़ैसला बनाकर नहीं दिखाते।

किसी जानकार से सीधे बात करनी हो तो ज्योतिषी से लिखकर या बोलकर बात कर सकते हैं, या अपनी ही कुंडली से तैयार विस्तृत लिखित विवरणिका मँगवा सकते हैं।

मुफ़्त में शुरू करें

आपकी कुंडली, आज का पंचांग, रोज़ का राशिफल और बुनियादी मिलान मुफ़्त हैं। योजना में विस्तृत विवरणिका, लंबे परामर्श और आपके लिए ख़ास रोज़ का मार्गदर्शन जुड़ते हैं। भुगतान से पहले ही कीमत दिख जाती है, और हर योजना में क्या-क्या है, यह भी साफ़ देखा जा सकता है।

नक्षत्रा पर शुरुआत कैसे करें

  1. कुंडली बनाएँ. जन्म कुंडली वाले पन्ने पर जन्म तिथि, समय और स्थान भरें।
  2. कुंडली पढ़ें. लग्न, चंद्र राशि, नक्षत्र और चल रही दशा को उनकी छोटी व्याख्याओं के साथ देखें।
  3. सहेजें. खाते में प्रवेश करके कुंडली सहेजें ताकि मिलान और दैनिक फल उसी का उपयोग करें।
  4. आगे बढ़ें. कुंडली मिलाएँ, आज का पंचांग देखें, या निजी राय चाहिए तो ज्योतिषी से बात करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जन्म कुंडली सच में मुफ़्त है?

हाँ। आप कुंडली बनाकर सहेज सकते हैं, ग्रह-स्थितियाँ, लग्न और नवांश कुंडली और चल रही दशा बिना पैसे के देख सकते हैं। केवल विस्तृत लिखित विवरणिका और परामर्श सशुल्क हैं।

नक्षत्रा कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

पहले से लाहिड़ी (चित्रापक्ष), जो भारत में सबसे ज़्यादा प्रचलित है। कुछ परंपराएँ रमन या कृष्णमूर्ति अयनांश पसंद करती हैं; कुंडली की व्यवस्था में इसे बदला जा सकता है।

क्या ठीक जन्म समय ज़रूरी है?

लग्न, भाव और दशा की तारीख़ों के लिए हाँ; कुछ मिनट का फ़र्क़ भी लग्न खिसका सकता है। समय मोटा-मोटा हो तब भी चंद्र राशि और नक्षत्र प्रायः सही आते हैं, और जिन कुंडलियों का समय पक्का नहीं, उन पर हम निशान लगा देते हैं।

क्या दक्षिण भारतीय शैली में कुंडली देख सकते हैं?

हाँ। उत्तर, दक्षिण और पूर्व भारतीय शैलियों के साथ पश्चिमी चक्र, भाव चलित और सुदर्शन चक्र भी हैं। हर शैली में ग्रह वही रहते हैं, केवल बनावट बदलती है।

गुण मिलान और पोरुत्तम में क्या अंतर है?

दोनों विवाह मिलान की विधियाँ हैं। उत्तर भारत में प्रचलित गुण मिलान वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी, इन आठ कूटों को 36 में से अंक देता है। दक्षिण में प्रचलित पोरुत्तम दोनों के नक्षत्रों के बीच दस मेल देखता है। नक्षत्रा दोनों दिखा सकता है।

क्या मेरी जन्म जानकारी सुरक्षित है?

हाँ। आपकी जानकारी केवल कुंडली और फल निकालने में काम आती है। हम निजी जानकारी नहीं बेचते, और सहेजी गई कुंडलियाँ आप अपने खाते से कभी भी हटा सकते हैं।

कौन-कौन सी भाषाएँ उपलब्ध हैं?

हिंदी, अंग्रेज़ी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बांग्ला, गुजराती, पंजाबी, ओड़िया, उर्दू, संस्कृत और स्पेनिश। हर भाषा अपनी परंपरा के अनुसार लिखी गई है।

क्या ज्योतिष घटनाएँ ठीक-ठीक बता सकता है?

परंपरा की दृष्टि में ज्योतिष प्रवृत्तियाँ और समय बताता है, भाग्य को पत्थर की लकीर नहीं बनाता। इसलिए हम फल को मार्गदर्शन के रूप में देते हैं और डराने वाली भविष्यवाणियों से बचते हैं।

ज्योतिषी से बात कैसे करें?

ज्योतिषी वाला पन्ना खोलें, देखें कि अभी कौन उपलब्ध है, उनका परिचय पढ़ें और लिखित या मौखिक बातचीत शुरू करें। धनकोष की राशि से प्रति मिनट शुल्क कटता है, और आप जब चाहें रोक सकते हैं।

पंचांग क्या है?

पंचांग हमारा पारंपरिक तिथि-पत्र है। हर दिन के लिए यह तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण, ये पाँच अंग, साथ में सूर्योदय, राहुकाल, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया आपके शहर के हिसाब से देता है। पूर्णिमांत मास और विक्रम संवत भी साथ में दिखते हैं।

क्या शादी या गृह प्रवेश के लिए अच्छा दिन मिल सकता है?

हाँ। मुहूर्त और तिथि चयन वाले पन्ने तिथि, नक्षत्र और बाकी शास्त्रीय नियमों को ध्यान में रखकर आपके काम के लिए उपयुक्त दिन और समय खोजते हैं, जैसे विवाह के लिए देवउठनी एकादशी के बाद के लग्न।

क्या वास्तु मार्गदर्शन मिलता है?

हाँ। घर का मुख किस दिशा में है, यह जाँच सकते हैं, नक्शे पर वास्तु के सोलह क्षेत्र देख सकते हैं और कमरे-दर-कमरे सुझाव ले सकते हैं; छोटी कम्पास जाँच से लेकर विस्तृत विवरणिका तक।

कीमतें कैसे दिखाई जाती हैं?

हर कीमत भुगतान से पहले रुपयों में दिखती है, और करों सहित अंतिम राशि भुगतान वाले पन्ने पर पक्की होती है। कोई छिपा शुल्क नहीं है।