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दो परंपराएँ, एक घर

वास्तु और फेंग शुई, एक साथ

वास्तु पुरुष मंडल और बागुआ सदियों से भारत और चीन के घरों को राह दिखाते आए हैं। यहाँ दोनों को एक ही नक्शे पर रखा गया है, ताकि दिखे कि कहाँ दोनों एकमत हैं, कहाँ अलग राह लेते हैं, और घर सजाने का ऐसा तरीका जो दोनों का मान रखे।

आपका घर और आपका जन्म

लिंग

अभी कौन-सी चीज़ कहाँ है (वैकल्पिक)

पलंग के लिए सिरहाने की दिशा चुनें, मेज़ के लिए बैठकर जिस ओर देखते हैं वह दिशा।

ब्रह्माकुबेरईशानइंद्रअग्नियमनिऋतिवरुणवायुउपदप

आपका कुआ अंक

8

कुआ 8, पश्चिमी समूह। आपकी शेंग ची दिशा नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) है।

चार शुभ दिशाएँ

  • ईशान (उत्तर-पूर्व): फू वेई, स्थिरता और स्पष्टता
  • नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम): शेंग ची, उन्नति और समृद्धि
  • पश्चिम: यान नियान, रिश्तों में मधुरता
  • वायव्य (उत्तर-पश्चिम): तियान यी, आरोग्य

चार दिशाएँ जिन्हें शांत रखें

  • उत्तर: वू गुई, कलह और बेचैनी
  • पूर्व: लियू शा, बिखरी ऊर्जा
  • आग्नेय (दक्षिण-पूर्व): जुए मिंग, सबसे दुर्बल दिशा
  • दक्षिण: हुओ हाई, छोटी अड़चनें

जहाँ दोनों परंपराएँ मिलती हैं

वायव्य (उत्तर-पश्चिम)6वायु · धातु
उत्तर1जल · जल
ईशान (उत्तर-पूर्व)8जल · पृथ्वी
पश्चिम7आकाश · धातु
ब्रह्मस्थान (मध्य)5आकाश · पृथ्वी
पूर्व3वायु · काष्ठ
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)2पृथ्वी · पृथ्वी
दक्षिण9अग्नि · अग्नि
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)4अग्नि · काष्ठ
  • दोनों अनुकूल
  • आंशिक मेल
  • मतभेद

2026 के वार्षिक उड़ते तारे

वायव्य (उत्तर-पश्चिम)2
उत्तर6
ईशान (उत्तर-पूर्व)4
पश्चिम3
ब्रह्मस्थान (मध्य)1
पूर्व8
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)7
दक्षिण5
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)9
  • सहायक तारा: 1 4 6 8 9
  • शांत करने योग्य तारा: 2 3 5 7

सामंजस्यपूर्ण स्थान

मुख्य द्वार

सामंजस्य का चुनाव

ईशान (उत्तर-पूर्व)

दोनों अनुकूल
वास्तु के अनुसार
ईशान (उत्तर-पूर्व)
फेंग शुई के अनुसार
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
अभी
पूर्व

दोनों परंपराओं के उपाय

  • फेंग शुई: हरे-भरे पौधे और लकड़ी की वस्तुएँ काष्ठ तत्व को पोषित करती हैं।

पलंग का सिरहाना

सामंजस्य का चुनाव

नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)

दोनों अनुकूल
वास्तु के अनुसार
दक्षिण
फेंग शुई के अनुसार
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)

काम की मेज़

सामंजस्य का चुनाव

ईशान (उत्तर-पूर्व)

दोनों अनुकूल
वास्तु के अनुसार
उत्तर
फेंग शुई के अनुसार
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)

रसोई और चूल्हा

सामंजस्य का चुनाव

आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)

दोनों अनुकूल
वास्तु के अनुसार
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
फेंग शुई के अनुसार
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)

पूजा घर

सामंजस्य का चुनाव

ईशान (उत्तर-पूर्व)

दोनों अनुकूल
वास्तु के अनुसार
ईशान (उत्तर-पूर्व)
फेंग शुई के अनुसार
ईशान (उत्तर-पूर्व)

ब्रह्मस्थान (मध्य)

वास्तु: ब्रह्मा, आकाश

फेंग शुई: आरोग्य, पृथ्वी

उत्तर

वास्तु: कुबेर, जल

फेंग शुई: जीविका, जल

ईशान (उत्तर-पूर्व)

वास्तु: ईशान, जल

फेंग शुई: विद्या, पृथ्वी

पूर्व

वास्तु: इंद्र, वायु

फेंग शुई: परिवार, काष्ठ

आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)

वास्तु: अग्नि, अग्नि

फेंग शुई: धन, काष्ठ

दक्षिण

वास्तु: यम, अग्नि

फेंग शुई: यश, अग्नि

नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)

वास्तु: निऋति, पृथ्वी

फेंग शुई: दांपत्य, पृथ्वी

पश्चिम

वास्तु: वरुण, आकाश

फेंग शुई: संतान और सृजन, धातु

वायव्य (उत्तर-पश्चिम)

वास्तु: वायु, वायु

फेंग शुई: गुरुजन और यात्रा, धातु

दोनों परंपराएँ कैसे मिलती हैं

वास्तु शास्त्र घर को वास्तु पुरुष मंडल से पढ़ता है: 16 दिशा-भागों में विराजे 45 देवता, हर दिशा का एक दिक्पाल और एक तत्व।

फेंग शुई उसी घर को बागुआ और लो शू वर्ग से पढ़ता है, फिर आपके कुआ अंक और हर वर्ष घूमते तारों से उसे निजी बनाता है।

जहाँ दोनों एक दिशा बताते हैं, वह भाग बलवान है। जहाँ अलग हैं, वहाँ हम ऐसा स्थान सुझाते हैं जो दोनों का मान रखे, साथ में दोनों के उपाय।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या वास्तु और फेंग शुई साथ-साथ माने जा सकते हैं?

हाँ। दोनों दिशाओं और पंच तत्वों को देखते हैं; शांत मध्य भाग और स्वागत करते द्वार जैसी बातों पर एकमत हैं, और जहाँ अलग हैं वहाँ दोनों का मान रखने वाला स्थान मिल जाता है।

मेरा कुआ अंक कैसे निकलता है?

चीनी सौर वर्ष के अनुसार, जो लगभग 4 फ़रवरी को बदलता है, आपके जन्म वर्ष और लिंग से। यही आपको पूर्वी या पश्चिमी समूह में रखता है।

2026 के उड़ते तारे कौन-से हैं?

2026 में 1 अंक का तारा मध्य में और 5 पीला तारा दक्षिण में है, इसलिए इस वर्ष दक्षिण भाग शांत रखा जाता है।

दोनों में मतभेद हो तो किसकी मानें?

रसोई और पूजा घर जैसे स्थायी कक्षों में वास्तु आगे रहता है। सिरहाने और मेज़ जैसी निजी दिशाओं में आपकी कुआ दिशाओं का भार अधिक है।

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