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राशि में ग्रह

वृश्चिक राशि में चन्द्र

चंद्रमा का मन और उसकी भावदशा अपनी राशि का स्वभाव धारण करते हैं। वृश्चिक मंगल की स्थिर जल राशि है, तीव्र, निजी और दृढ़।

ग्रह
चंद्र
राशि
वृश्चिक
राशि स्वामी
मंगल
तत्व
जल
स्वभाव
स्थिर
अवस्था
नीच

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वृश्चिक राशि में चन्द्र का फल

चंद्रमा का मन और उसकी भावदशा अपनी राशि का स्वभाव धारण करते हैं। वृश्चिक मंगल की स्थिर जल राशि है, तीव्र, निजी और दृढ़। यहाँ ग्रह नीच का है, इसलिए उसके गुण परिश्रम से मिलते हैं, और नीच भंग या उपाय उसे ऊपर उठा सकते हैं।

वृश्चिक राशि में चन्द्र की अवस्था

वृश्चिक राशि में चन्द्र नीच का होता है। नीचभंग के नियम इसे बदल सकते हैं, इसलिए पूरी कुंडली देखकर ही निष्कर्ष निकालें।

वृश्चिक राशि का स्वभाव

वृश्चिक जल तत्व और स्थिर स्वभाव की राशि है, जिसका स्वामी मंगल है। यहाँ बैठा चन्द्र उस तत्व का मिज़ाज और स्वामी की प्राथमिकताएँ अपनाता है।

चन्द्र और जल तत्व

जल तत्व की राशियाँ भाव, भक्ति और अंतर्ज्ञान का घर हैं। यहाँ ग्रह कोमलता से, गहराई से और पारिवारिक बंधनों से जुड़कर काम करता है। चन्द्र मन का कारक है, इसलिए यह तत्व बताता है कि मन की आदतें और सुख दुख कैसे अनुभव होते हैं। सोमवार को शिव पूजन चन्द्र की कृपा बढ़ाता है, ऐसा बड़े बुज़ुर्ग कहते हैं।

वृश्चिक राशि चन्द्र की गति को कैसे ढालती है

वृश्चिक स्थिर राशि है। परंपरा स्थिर राशियों को धैर्य, निष्ठा और टिकाऊ चीज़ों से जोड़ती है। यहाँ चन्द्र चुना हुआ मार्ग नहीं छोड़ता। फल धीरे आता है पर टिकता है।

मंगल के घर अतिथि चन्द्र

वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल, चन्द्र के प्रति सम है। सभ्य घर के अतिथि की तरह फल ग्रह के बल और बाकी कुंडली पर निर्भर करता है।

राशि से ग्रह को पढ़ना

राशि बताती है कि ग्रह कैसे प्रकट होता है, भाव बताता है कि जीवन के किस क्षेत्र में, और दृष्टि व युति बताती हैं कि किसके साथ। उच्च, स्वराशि, मित्र, सम, शत्रु और नीच अवस्थाएँ दिखाती हैं कि ग्रह अपना फल कितनी सहजता से देगा। ये पृष्ठ लाहिड़ी अयनांश के साथ निरयन राशिचक्र का उपयोग करते हैं।

लग्न से फल क्यों बदलता है

एक ही राशि स्थिति हर लग्न के लिए अलग भाव में पड़ती है। इस पृष्ठ की तालिका बारह लग्नों के लिए वह भाव और संक्षिप्त फल दिखाती है। युति, दृष्टि, नवांश और चल रही दशा सहित पूरी तस्वीर के लिए अपनी कुंडली बनाएँ।

हर लग्न के लिए वृश्चिक राशि में चन्द्र
लग्नभावफल
मेषभाव 8आठवें भाव में चंद्र भावनात्मक गहराई और अंतर्ज्ञान देता है।
वृषभभाव 7सातवें भाव में चंद्र साझेदारी को भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
मिथुनभाव 6छठे भाव में चंद्र सेवा में संवेदनशीलता और दिनचर्या पर ध्यान देता है।
कर्कभाव 5पाँचवें भाव में चंद्र कल्पना और संतान तथा रचनात्मक कार्य के प्रति स्नेह देता है।
सिंहभाव 4चौथे भाव में चंद्र अपने घर में है: भावनात्मक सुरक्षा परिवार और शांत निवास से आती है।
कन्याभाव 3तीसरे भाव में चंद्र जिज्ञासु, चंचल मन और संवाद का गुण देता है।
तुलाभाव 2दूसरे भाव में चंद्र सुख को परिवार, भोजन और बचत से जोड़ता है।
वृश्चिकभाव 1पहले भाव में चंद्र आपको भावनात्मक रूप से अभिव्यक्त और आसपास के लोगों के प्रति संवेदनशील बनाता है।
धनुभाव 12बारहवें भाव में चंद्र समृद्ध आंतरिक जीवन और संवेदनशीलता देता है।
मकरभाव 11ग्यारहवें भाव में चंद्र कई मित्र और समूहों से सहयोग देता है।
कुम्भभाव 10दसवें भाव में चंद्र आपकी भावनाओं को कार्य और सार्वजनिक जीवन में लाता है।
मीनभाव 9नौवें भाव में चंद्र आस्था, ज्ञान के प्रति प्रेम और यात्रा में रुचि देता है।

सामान्य प्रश्न

वृश्चिक राशि में चन्द्र का क्या अर्थ है?

वृश्चिक राशि में चन्द्र ग्रह के कारकत्व को जल तत्व, स्थिर स्वभाव और मंगल के स्वामित्व वाली राशि के रंग से जोड़ता है। पृष्ठ के ऊपर का फल प्रवृत्तियाँ बताता है; आपके लग्न से बना भाव बताता है कि वे कहाँ दिखेंगी।

क्या वृश्चिक राशि में चन्द्र बलवान है?

राशि के आधार पर वृश्चिक में चन्द्र नीच अवस्था में है। यह बल का केवल एक भाग है; भाव, दृष्टि, युति, नवांश और षड्बल भी मायने रखते हैं।

मेरे लग्न के लिए वृश्चिक राशि का चन्द्र किस भाव में होगा?

अपनी लग्न राशि से वृश्चिक तक गिनें। इस पृष्ठ की तालिका बारह लग्नों के लिए भाव दिखाती है और पूरे भाव फल का लिंक देती है।

वृश्चिक राशि का स्वामी कौन है?

वृश्चिक का स्वामी मंगल है। चन्द्र और मंगल का संबंध तय करता है कि यह राशि चन्द्र के लिए मित्र, सम या शत्रु है।

वृश्चिक राशि का तत्व और स्वभाव क्या है?

वृश्चिक जल तत्व और स्थिर स्वभाव की राशि है।

क्या वृश्चिक राशि में चन्द्र विवाह या करियर पर असर डालता है?

केवल उन भावों के माध्यम से जिनका वह आपकी कुंडली में स्वामी है और जिनमें बैठा है। एक लग्न के लिए यह करियर को और दूसरे के लिए परिवार को उभार सकता है।

क्या यह पश्चिमी ज्योतिष के फल जैसा ही है?

नहीं। ये पृष्ठ निरयन राशिचक्र का उपयोग करते हैं, जो पश्चिमी सायन राशिचक्र से लगभग 24° पीछे है, इसलिए अधिकांश लोगों के ग्रह एक राशि पहले आते हैं।

अपनी कुंडली में चन्द्र कहाँ है, कैसे देखें?

मुफ़्त कुंडली में जन्म तिथि, सही समय और स्थान डालें। हर ग्रह की राशि, भाव, नक्षत्र और बल दिखाई देगा।

कमज़ोर चन्द्र के लिए क्या उपाय हैं?

पूजा, दान, ग्रह के वार का व्रत और मंत्र जप पारंपरिक उपाय हैं। रत्न पूरी कुंडली की जाँच के बाद ही पहनें।

वृश्चिक राशि का चन्द्र कब सबसे स्पष्ट फल देता है?

परंपरा के अनुसार चन्द्र की महादशा या अंतर्दशा में, मंगल की दशा में और जब गुरु और शनि का गोचर वृश्चिक राशि को छूता है।

क्या मंगल, चन्द्र का मित्र है?

पराशर ने हर ग्रह के मित्र, सम और शत्रु ग्रह बताए हैं। ऊपर राशि स्वामी वाला भाग चन्द्र और मंगल का संबंध और उसका अर्थ समझाता है।

क्या वृश्चिक राशि का चन्द्र चन्द्र राशि से भी देखें?

हाँ। उत्तर भारत के घरों में लग्न के साथ चन्द्र राशि से भी फल देखा जाता है। अपनी चन्द्र राशि से वृश्चिक राशि तक गिनें।