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बारह राशियों में ग्रह

नौ ग्रह हर राशि में कैसे काम करते हैं: फल, उच्च-नीच स्थिति, राशि का तत्व और लग्न के अनुसार बदलता भाव।

राशि से ग्रह को पढ़ना

राशि बताती है कि ग्रह कैसे प्रकट होता है, भाव बताता है कि जीवन के किस क्षेत्र में, और दृष्टि व युति बताती हैं कि किसके साथ। उच्च, स्वराशि, मित्र, सम, शत्रु और नीच अवस्थाएँ दिखाती हैं कि ग्रह अपना फल कितनी सहजता से देगा। ये पृष्ठ लाहिड़ी अयनांश के साथ निरयन राशिचक्र का उपयोग करते हैं।

लग्न से फल क्यों बदलता है

एक ही राशि स्थिति हर लग्न के लिए अलग भाव में पड़ती है। इस पृष्ठ की तालिका बारह लग्नों के लिए वह भाव और संक्षिप्त फल दिखाती है। युति, दृष्टि, नवांश और चल रही दशा सहित पूरी तस्वीर के लिए अपनी कुंडली बनाएँ।