सामग्री पर जाएँ

राशि में ग्रह

धनु राशि में राहु

राहु की भूख और महत्वाकांक्षा अपनी राशि का स्वभाव धारण करती हैं। धनु गुरु की द्विस्वभाव अग्नि राशि है, सिद्धांतवादी, आशावान और विद्या प्रेमी।

ग्रह
राहु
राशि
धनु
राशि स्वामी
गुरु
तत्व
अग्नि
स्वभाव
द्विस्वभाव

अपनी ग्रह स्थिति मुफ़्त देखें

धनु राशि में राहु का फल

राहु की भूख और महत्वाकांक्षा अपनी राशि का स्वभाव धारण करती हैं। धनु गुरु की द्विस्वभाव अग्नि राशि है, सिद्धांतवादी, आशावान और विद्या प्रेमी। यहाँ ग्रह सम राशि में है, न सहायता न बाधा, इसलिए भाव और दृष्टियाँ बहुत कुछ तय करती हैं।

धनु राशि का स्वभाव

धनु अग्नि तत्व और द्विस्वभाव स्वभाव की राशि है, जिसका स्वामी गुरु है। यहाँ बैठा राहु उस तत्व का मिज़ाज और स्वामी की प्राथमिकताएँ अपनाता है।

राहु और अग्नि तत्व

ऋषियों ने अग्नि तत्व की राशियों को तेज, उत्साह और पहल का आसन कहा है। यहाँ ग्रह जल्दी प्रतिक्रिया देता है और आगे रहकर चलना चाहता है। राहु की तड़प इस तत्व के विषयों की ओर ज़ोर से खींचती है। दुर्गा उपासना और राहुकाल में नया काम शुरू न करना पारंपरिक सावधानी है।

धनु राशि राहु की गति को कैसे ढालती है

धनु द्विस्वभाव राशि है। परंपरा इसे विद्या, अनुकूलन और दो राहों से जोड़ती है। यहाँ राहु लचीलेपन और कुशलता से काम करता है। हुनर और बहुमुखी प्रतिभा से फल मिलता है।

गुरु के स्वर में राहु

राहु और केतु छाया ग्रह हैं; पराशर की मुख्य पद्धति में इनकी अपनी राशि नहीं है। छाया ग्रह जिस राशि में हो, उसके स्वामी की तरह आचरण करता है, यह परंपरा है; इसलिए धनु राशि में राहु, गुरु के स्वर में बोलता है। अपनी कुंडली में देखें कि गुरु कहाँ और कितना बलवान है।

राशि से ग्रह को पढ़ना

राशि बताती है कि ग्रह कैसे प्रकट होता है, भाव बताता है कि जीवन के किस क्षेत्र में, और दृष्टि व युति बताती हैं कि किसके साथ। उच्च, स्वराशि, मित्र, सम, शत्रु और नीच अवस्थाएँ दिखाती हैं कि ग्रह अपना फल कितनी सहजता से देगा। ये पृष्ठ लाहिड़ी अयनांश के साथ निरयन राशिचक्र का उपयोग करते हैं।

लग्न से फल क्यों बदलता है

एक ही राशि स्थिति हर लग्न के लिए अलग भाव में पड़ती है। इस पृष्ठ की तालिका बारह लग्नों के लिए वह भाव और संक्षिप्त फल दिखाती है। युति, दृष्टि, नवांश और चल रही दशा सहित पूरी तस्वीर के लिए अपनी कुंडली बनाएँ।

हर लग्न के लिए धनु राशि में राहु
लग्नभावफल
मेषभाव 9नौवें भाव में राहु भिन्न दर्शनों, संस्कृतियों और विदेश यात्रा में रुचि देता है।
वृषभभाव 8आठवें भाव में राहु शोध और गूढ़ विषयों में रुचि जगाता है।
मिथुनभाव 7सातवें भाव में राहु अलग या भिन्न संस्कृति वाली साझेदारी ला सकता है।
कर्कभाव 6छठे भाव में राहु प्रतिस्पर्धा और बाधाओं पर विजय के लिए सहायक माना जाता है।
सिंहभाव 5पाँचवें भाव में राहु अपरंपरागत रचनात्मकता और अध्ययन के नए क्षेत्रों में रुचि देता है।
कन्याभाव 4चौथे भाव में राहु घर या निवास में बदलाव ला सकता है।
तुलाभाव 3तीसरे भाव में राहु साहस, मीडिया कौशल और नए उद्यमों की रुचि देता है।
वृश्चिकभाव 2दूसरे भाव में राहु कमाने और बोलने के अलग तरीके देता है।
धनुभाव 1पहले भाव में राहु अलग दिखने और खुद को नया रूप देने की तीव्र इच्छा देता है।
मकरभाव 12बारहवें भाव में राहु विदेश और आंतरिक खोज की ओर ले जाता है; सोच-समझकर खर्च और विश्राम सहायक हैं।
कुम्भभाव 11ग्यारहवें भाव में राहु लाभ और व्यापक नेटवर्क के लिए सहायक माना जाता है।
मीनभाव 10दसवें भाव में राहु तीव्र करियर महत्वाकांक्षा और नए या तकनीकी क्षेत्रों में रुचि देता है।

सामान्य प्रश्न

धनु राशि में राहु का क्या अर्थ है?

धनु राशि में राहु ग्रह के कारकत्व को अग्नि तत्व, द्विस्वभाव स्वभाव और गुरु के स्वामित्व वाली राशि के रंग से जोड़ता है। पृष्ठ के ऊपर का फल प्रवृत्तियाँ बताता है; आपके लग्न से बना भाव बताता है कि वे कहाँ दिखेंगी।

मेरे लग्न के लिए धनु राशि का राहु किस भाव में होगा?

अपनी लग्न राशि से धनु तक गिनें। इस पृष्ठ की तालिका बारह लग्नों के लिए भाव दिखाती है और पूरे भाव फल का लिंक देती है।

धनु राशि का स्वामी कौन है?

धनु का स्वामी गुरु है। राहु और गुरु का संबंध तय करता है कि यह राशि राहु के लिए मित्र, सम या शत्रु है।

धनु राशि का तत्व और स्वभाव क्या है?

धनु अग्नि तत्व और द्विस्वभाव स्वभाव की राशि है।

क्या धनु राशि में राहु विवाह या करियर पर असर डालता है?

केवल उन भावों के माध्यम से जिनका वह आपकी कुंडली में स्वामी है और जिनमें बैठा है। एक लग्न के लिए यह करियर को और दूसरे के लिए परिवार को उभार सकता है।

क्या यह पश्चिमी ज्योतिष के फल जैसा ही है?

नहीं। ये पृष्ठ निरयन राशिचक्र का उपयोग करते हैं, जो पश्चिमी सायन राशिचक्र से लगभग 24° पीछे है, इसलिए अधिकांश लोगों के ग्रह एक राशि पहले आते हैं।

अपनी कुंडली में राहु कहाँ है, कैसे देखें?

मुफ़्त कुंडली में जन्म तिथि, सही समय और स्थान डालें। हर ग्रह की राशि, भाव, नक्षत्र और बल दिखाई देगा।

कमज़ोर राहु के लिए क्या उपाय हैं?

पूजा, दान, ग्रह के वार का व्रत और मंत्र जप पारंपरिक उपाय हैं। रत्न पूरी कुंडली की जाँच के बाद ही पहनें।

धनु राशि का राहु कब सबसे स्पष्ट फल देता है?

परंपरा के अनुसार राहु की महादशा या अंतर्दशा में, गुरु की दशा में और जब गुरु और शनि का गोचर धनु राशि को छूता है।

क्या गुरु, राहु का मित्र है?

पराशर ने हर ग्रह के मित्र, सम और शत्रु ग्रह बताए हैं। ऊपर राशि स्वामी वाला भाग राहु और गुरु का संबंध और उसका अर्थ समझाता है।

क्या धनु राशि का राहु चन्द्र राशि से भी देखें?

हाँ। उत्तर भारत के घरों में लग्न के साथ चन्द्र राशि से भी फल देखा जाता है। अपनी चन्द्र राशि से धनु राशि तक गिनें।