राशि गाइड
वृश्चिक राशि
वृश्चिक लग्न के साथ आप गहराई से महसूस करते हैं और सतह के नीचे देखते हैं। आप निष्ठावान और सहनशील हैं; भरोसेमंद लोगों को पास आने देना आपकी तीव्रता को हल्का करता है।
- स्वामी
- मंगल
- तत्व
- जल
- स्वभाव
- स्थिर
- चिह्न
- बिच्छू
- दिशा
- उत्तर
- नक्षत्र
- विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा
जब वृश्चिक लग्न हो
वृश्चिक लग्न के साथ आप गहराई से महसूस करते हैं और सतह के नीचे देखते हैं। आप निष्ठावान और सहनशील हैं; भरोसेमंद लोगों को पास आने देना आपकी तीव्रता को हल्का करता है।
वृश्चिक राशि का स्वभाव
वृश्चिक जल तत्व और स्थिर स्वभाव की राशि है, जिसका स्वामी मंगल है। इसका चिह्न बिच्छू है; शास्त्र इसे गुप्तांग और उत्तर दिशा से जोड़ते हैं।
स्वभाव और जीवन शैली
वृश्चिक राशि के लोग गहरी भावनाओं और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले होते हैं। बिच्छू का प्रतीक इनकी तीक्ष्णता और रहस्य रखने की क्षमता दिखाता है। जिस पर भरोसा करते हैं उसके लिए सब कुछ कर देते हैं; बदले की भावना छोड़ें तो बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। जल तत्व की राशि होने से भावनाओं की गहराई और करुणा स्वभाव में है। दूसरों का दुख जल्दी महसूस करते हैं; भजन, कीर्तन और पवित्र स्नान इन्हें मन की शांति देते हैं।
परंपरागत उपासना
राशि स्वामी मंगल होने के कारण मंगलवार को हनुमान जी की उपासना और हनुमान चालीसा का पाठ इस राशि के लिए परंपरागत उपाय है। लाल फूल चढ़ाना और मसूर की दाल का दान मंगल को शांत करता है।
वृश्चिक में उच्च और नीच ग्रह
चन्द्र यहाँ नीच का होता है और कुंडली के अन्य योगों का सहारा चाहता है।
वृश्चिक के नक्षत्र
वृश्चिक में आने वाले नक्षत्र विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा हैं। राशि के भीतर आपके चंद्रमा का नक्षत्र वृश्चिक की हर बात को सूक्ष्म बनाता है।
चंद्र राशि, लग्न और सूर्य राशि
भारतीय ज्योतिष में राशि का अर्थ प्रायः जन्म के समय चंद्रमा की राशि होता है; दैनिक राशिफल, साढ़ेसाती और विवाह मिलान इसी से देखे जाते हैं। लग्न शरीर और दृष्टिकोण, तथा सूर्य राशि उद्देश्य दर्शाती है। तीनों अलग हो सकती हैं।
मिलान और गोचर में वृश्चिक
राशि मिलान कन्या की राशि से वर की राशि तक गिनकर देखा जाता है। वृश्चिक से पहले, वृश्चिक में और बाद वाली राशि में शनि का गोचर इस राशि वालों की साढ़ेसाती है। इस पृष्ठ की तालिका हर जोड़ी का विस्तृत पृष्ठ खोलती है।
| साथी की राशि | राशि मिलान |
|---|---|
| मेष | सावधानी |
| वृषभ | अनुकूल |
| मिथुन | सावधानी |
| कर्क | अनुकूल |
| सिंह | अनुकूल |
| कन्या | अनुकूल |
| तुला | सावधानी |
| धनु | सावधानी |
| मकर | अनुकूल |
| कुम्भ | अनुकूल |
| मीन | अनुकूल |
सामान्य प्रश्न
वृश्चिक राशि का स्वामी कौन है?
वृश्चिक का स्वामी मंगल है। आपकी कुंडली में मंगल की स्थिति इस राशि के प्रकट होने को बहुत प्रभावित करती है।
वृश्चिक किस तत्व की राशि है?
वृश्चिक जल तत्व और स्थिर स्वभाव की राशि है।
वृश्चिक राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
वृश्चिक में पूर्ण या आंशिक रूप से आने वाले नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा।
वृश्चिक राशि में कौन सा ग्रह नीच का होता है?
वृश्चिक में चन्द्र नीच का होता है।
वृश्चिक राशि का चिह्न क्या है?
वृश्चिक का चिह्न बिच्छू है।
वृश्चिक के साथ कौन सी राशियाँ मेल खाती हैं?
इस पृष्ठ की तालिका हर जोड़ी का राशि मिलान दिखाती है। पूरे मिलान के लिए दोनों के नक्षत्र और पूरी कुंडली चाहिए।
क्या वृश्चिक पश्चिमी वृश्चिक के समान है?
नाम का भाग वही है, पर निरयन राशिचक्र सायन से लगभग 24° पीछे है, इसलिए आपकी वैदिक राशि प्रायः पश्चिमी राशि से एक पहले होती है।
अपनी राशि कैसे जानें?
आपकी राशि चंद्र राशि है। सही जन्म समय और स्थान के साथ मुफ़्त कुंडली बनाएँ।
इस राशि के लिए कौन से कार्यक्षेत्र अनुकूल हैं?
शोध, जासूसी, चिकित्सा, बीमा, खनन और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसे गहराई वाले क्षेत्र इनके लिए अनुकूल हैं। फिर भी करियर का निर्णय पूरी कुंडली में दशम भाव और दशा देखकर ही करना चाहिए।
इस राशि के लिए कौन सा रत्न और रंग शुभ है?
राशि स्वामी का रत्न मूँगा परंपरा से बताया जाता है; शुभ रंग लाल और शुभ दिन मंगलवार है। पर रत्न धारण करने से पहले लग्न और ग्रहों का बल पूरी कुंडली में देखना चाहिए, यही शास्त्र की सलाह है।