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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, रवि, 27 जनवरी 2030

रवि, 27 जनवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:39 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र स्वाती, योग धृति और करण कौलव है। राहु काल शाम 4:35 – शाम 6:01 है।

सूर्योदय
सुबह 6:39
सूर्यास्त
शाम 6:01
तिथि
अष्टमी · सुबह 10:44 तक
नक्षत्र
स्वाती · दोपहर 12:22 तक
योग
धृति
करण
कौलव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:35 – शाम 6:01
यमगंड
दोपहर 12:20 – दोपहर 1:45
गुलिक काल
दोपहर 3:10 – शाम 4:35
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:51 – दोपहर 12:39
अमृत काल
दोपहर 1:02 – दोपहर 2:28

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आज विजयवाड़ा में

रवि, 27 जनवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:39 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र स्वाती, योग धृति और करण कौलव है। राहु काल शाम 4:35 – शाम 6:01 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 28 जनवरी 2030नवमीविशाखासुबह 8:04 – सुबह 9:29
मंगल, 29 जनवरी 2030दशमीअनुराधादोपहर 3:11 – शाम 4:36
बुध, 30 जनवरी 2030द्वादशीज्येष्ठादोपहर 12:20 – दोपहर 1:46
गुरु, 31 जनवरी 2030त्रयोदशीमूलदोपहर 1:46 – दोपहर 3:12
शुक्र, 1 फ़रवरी 2030चतुर्दशीपूर्वाषाढ़ासुबह 10:55 – दोपहर 12:21
शनि, 2 फ़रवरी 2030अमावस्याश्रवणसुबह 9:29 – सुबह 10:55

सामान्य प्रश्न

रवि, 27 जनवरी 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; सुबह 10:44 तक।

रवि, 27 जनवरी 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; दोपहर 12:22 तक।

रवि, 27 जनवरी 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल शाम 4:35 – शाम 6:01 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 27 जनवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:39 और सूर्यास्त शाम 6:01 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।