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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, शुक्र, 1 फ़रवरी 2030

शुक्र, 1 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग हर्षण और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 10:55 – दोपहर 12:21 है।

सूर्योदय
सुबह 6:38
सूर्यास्त
शाम 6:03
तिथि
चतुर्दशी · रात 10:56 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · तड़के 5:43 तक
योग
हर्षण
करण
विष्टि
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:55 – दोपहर 12:21
यमगंड
दोपहर 3:12 – शाम 4:38
गुलिक काल
सुबह 8:03 – सुबह 9:29
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
अमृत काल
दोपहर 1:03 – दोपहर 2:29

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आज विजयवाड़ा में

शुक्र, 1 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग हर्षण और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 10:55 – दोपहर 12:21 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 2 फ़रवरी 2030अमावस्याश्रवणसुबह 9:29 – सुबह 10:55
रवि, 3 फ़रवरी 2030प्रतिपदाधनिष्ठाशाम 4:38 – शाम 6:04
सोम, 4 फ़रवरी 2030द्वितीयाशतभिषासुबह 8:03 – सुबह 9:29
मंगल, 5 फ़रवरी 2030तृतीयापूर्वा भाद्रपददोपहर 3:13 – शाम 4:39
बुध, 6 फ़रवरी 2030चतुर्थीपूर्वा भाद्रपददोपहर 12:21 – दोपहर 1:47
गुरु, 7 फ़रवरी 2030पंचमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 1:47 – दोपहर 3:14

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 1 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; रात 10:56 तक।

शुक्र, 1 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; तड़के 5:43 तक।

शुक्र, 1 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल सुबह 10:55 – दोपहर 12:21 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 1 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:38 और सूर्यास्त शाम 6:03 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।