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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, शनि, 2 फ़रवरी 2030

शनि, 2 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र श्रवण, योग वज्र और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 9:29 – सुबह 10:55 है।

सूर्योदय
सुबह 6:37
सूर्यास्त
शाम 6:04
तिथि
अमावस्या · रात 9:37 तक
नक्षत्र
श्रवण · तड़के 4:15 तक
योग
वज्र
करण
चतुष्पद
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:29 – सुबह 10:55
यमगंड
दोपहर 1:46 – दोपहर 3:12
गुलिक काल
सुबह 6:37 – सुबह 8:03
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
अमृत काल
दोपहर 2:29 – दोपहर 3:55

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आज विजयवाड़ा में

शनि, 2 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र श्रवण, योग वज्र और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 9:29 – सुबह 10:55 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 3 फ़रवरी 2030प्रतिपदाधनिष्ठाशाम 4:38 – शाम 6:04
सोम, 4 फ़रवरी 2030द्वितीयाशतभिषासुबह 8:03 – सुबह 9:29
मंगल, 5 फ़रवरी 2030तृतीयापूर्वा भाद्रपददोपहर 3:13 – शाम 4:39
बुध, 6 फ़रवरी 2030चतुर्थीपूर्वा भाद्रपददोपहर 12:21 – दोपहर 1:47
गुरु, 7 फ़रवरी 2030पंचमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 1:47 – दोपहर 3:14
शुक्र, 8 फ़रवरी 2030षष्ठीरेवतीसुबह 10:55 – दोपहर 12:21

सामान्य प्रश्न

शनि, 2 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; रात 9:37 तक।

शनि, 2 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; तड़के 4:15 तक।

शनि, 2 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल सुबह 9:29 – सुबह 10:55 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 2 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:37 और सूर्यास्त शाम 6:04 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।