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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, मंगल, 27 नवंबर 2029

मंगल, 27 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पुष्य, योग शुक्ल और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:17 – दोपहर 3:37 है।

सूर्योदय
सुबह 6:15
सूर्यास्त
शाम 4:58
तिथि
षष्ठी · शाम 6:09 तक
नक्षत्र
पुष्य · तड़के 5:55 तक
योग
शुक्ल
करण
गर
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:17 – दोपहर 3:37
यमगंड
सुबह 8:56 – सुबह 10:16
गुलिक काल
सुबह 11:36 – दोपहर 12:57
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:10 – सुबह 11:58
अमृत काल
सुबह 8:16 – सुबह 9:36

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आज पटना में

मंगल, 27 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पुष्य, योग शुक्ल और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:17 – दोपहर 3:37 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 28 नवंबर 2029सप्तमीआश्लेषासुबह 11:37 – दोपहर 12:57
गुरु, 29 नवंबर 2029अष्टमीमघादोपहर 12:57 – दोपहर 2:17
शुक्र, 30 नवंबर 2029नवमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 10:17 – सुबह 11:38
शनि, 1 दिसंबर 2029दशमीहस्तसुबह 8:58 – सुबह 10:18
रवि, 2 दिसंबर 2029एकादशीचित्रादोपहर 3:38 – शाम 4:58
सोम, 3 दिसंबर 2029द्वादशीस्वातीसुबह 7:39 – सुबह 8:59

सामान्य प्रश्न

मंगल, 27 नवंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; शाम 6:09 तक।

मंगल, 27 नवंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; तड़के 5:55 तक।

मंगल, 27 नवंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 2:17 – दोपहर 3:37 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 27 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त शाम 4:58 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।