दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, रवि, 2 दिसंबर 2029
रवि, 2 दिसंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र चित्रा, योग आयुष्मान और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:38 – शाम 4:58 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:19
- सूर्यास्त
- शाम 4:58
- तिथि
- एकादशी · सुबह 9:52 तक
- नक्षत्र
- चित्रा · रात 11:55 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- बालव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- दोपहर 3:38 – शाम 4:58
- यमगंड
- सुबह 11:38 – दोपहर 12:58
- गुलिक काल
- दोपहर 2:18 – दोपहर 3:38
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:12 – दोपहर 12:00
- अमृत काल
- दोपहर 12:18 – दोपहर 1:38
आज पटना में
रवि, 2 दिसंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र चित्रा, योग आयुष्मान और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:38 – शाम 4:58 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 3 दिसंबर 2029 | द्वादशी | स्वाती | सुबह 7:39 – सुबह 8:59 |
| मंगल, 4 दिसंबर 2029 | चतुर्दशी | विशाखा | दोपहर 2:19 – दोपहर 3:38 |
| बुध, 5 दिसंबर 2029 | अमावस्या | अनुराधा | सुबह 11:39 – दोपहर 12:59 |
| गुरु, 6 दिसंबर 2029 | प्रतिपदा | ज्येष्ठा | दोपहर 1:00 – दोपहर 2:19 |
| शुक्र, 7 दिसंबर 2029 | द्वितीया | मूल | सुबह 10:21 – सुबह 11:40 |
| शनि, 8 दिसंबर 2029 | तृतीया | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 9:02 – सुबह 10:21 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 2 दिसंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 9:52 तक।
रवि, 2 दिसंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; रात 11:55 तक।
रवि, 2 दिसंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल दोपहर 3:38 – शाम 4:58 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 2 दिसंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:19 और सूर्यास्त शाम 4:58 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।