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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शुक्र, 30 नवंबर 2029

शुक्र, 30 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल सुबह 10:17 – सुबह 11:38 है।

सूर्योदय
सुबह 6:17
सूर्यास्त
शाम 4:58
तिथि
नवमी · दोपहर 2:58 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · तड़के 5:32 तक
योग
Vishkumbha
करण
गर
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:17 – सुबह 11:38
यमगंड
दोपहर 2:18 – दोपहर 3:38
गुलिक काल
सुबह 7:37 – सुबह 8:57
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:11 – सुबह 11:59
अमृत काल
दोपहर 12:18 – दोपहर 1:38

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आज पटना में

शुक्र, 30 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल सुबह 10:17 – सुबह 11:38 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 1 दिसंबर 2029दशमीहस्तसुबह 8:58 – सुबह 10:18
रवि, 2 दिसंबर 2029एकादशीचित्रादोपहर 3:38 – शाम 4:58
सोम, 3 दिसंबर 2029द्वादशीस्वातीसुबह 7:39 – सुबह 8:59
मंगल, 4 दिसंबर 2029चतुर्दशीविशाखादोपहर 2:19 – दोपहर 3:38
बुध, 5 दिसंबर 2029अमावस्याअनुराधासुबह 11:39 – दोपहर 12:59
गुरु, 6 दिसंबर 2029प्रतिपदाज्येष्ठादोपहर 1:00 – दोपहर 2:19

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 30 नवंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; दोपहर 2:58 तक।

शुक्र, 30 नवंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; तड़के 5:32 तक।

शुक्र, 30 नवंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 10:17 – सुबह 11:38 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 30 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:17 और सूर्यास्त शाम 4:58 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।