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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, सोम, 1 नवंबर 2032

सोम, 1 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र हस्त, योग Vishkumbha और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:39 – सुबह 9:02 है।

सूर्योदय
सुबह 6:16
सूर्यास्त
शाम 5:23
तिथि
त्रयोदशी · सुबह 8:44 तक
नक्षत्र
हस्त · दोपहर 1:27 तक
योग
Vishkumbha
करण
वणिज
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:39 – सुबह 9:02
यमगंड
सुबह 10:26 – सुबह 11:49
गुलिक काल
दोपहर 1:12 – दोपहर 2:36
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:21 – दोपहर 12:09
अमृत काल
सुबह 6:57 – सुबह 8:21

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आज लखनऊ में

सोम, 1 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र हस्त, योग Vishkumbha और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:39 – सुबह 9:02 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 2 नवंबर 2032चतुर्दशीचित्रादोपहर 2:36 – दोपहर 3:59
बुध, 3 नवंबर 2032अमावस्यास्वातीसुबह 11:49 – दोपहर 1:12
गुरु, 4 नवंबर 2032प्रतिपदाविशाखादोपहर 1:12 – दोपहर 2:35
शुक्र, 5 नवंबर 2032द्वितीयाअनुराधासुबह 10:26 – सुबह 11:49
शनि, 6 नवंबर 2032तृतीयाज्येष्ठासुबह 9:04 – सुबह 10:27
रवि, 7 नवंबर 2032चतुर्थीमूलदोपहर 3:56 – शाम 5:19

सामान्य प्रश्न

सोम, 1 नवंबर 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; सुबह 8:44 तक।

सोम, 1 नवंबर 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; दोपहर 1:27 तक।

सोम, 1 नवंबर 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 7:39 – सुबह 9:02 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 1 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:16 और सूर्यास्त शाम 5:23 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।