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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, शनि, 6 नवंबर 2032

शनि, 6 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग शोभन और करण गर है। राहु काल सुबह 9:04 – सुबह 10:27 है।

सूर्योदय
सुबह 6:19
सूर्यास्त
शाम 5:19
तिथि
तृतीया · सुबह 11:21 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा · शाम 6:27 तक
योग
शोभन
करण
गर
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:04 – सुबह 10:27
यमगंड
दोपहर 1:12 – दोपहर 2:34
गुलिक काल
सुबह 6:19 – सुबह 7:42
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
अमृत काल
दोपहर 1:53 – दोपहर 3:16

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आज लखनऊ में

शनि, 6 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग शोभन और करण गर है। राहु काल सुबह 9:04 – सुबह 10:27 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 7 नवंबर 2032चतुर्थीमूलदोपहर 3:56 – शाम 5:19
सोम, 8 नवंबर 2032पंचमीपूर्वाषाढ़ासुबह 7:43 – सुबह 9:05
मंगल, 9 नवंबर 2032षष्ठीउत्तराषाढ़ादोपहर 2:34 – दोपहर 3:56
बुध, 10 नवंबर 2032सप्तमीश्रवणसुबह 11:49 – दोपहर 1:11
गुरु, 11 नवंबर 2032नवमीधनिष्ठादोपहर 1:11 – दोपहर 2:33
शुक्र, 12 नवंबर 2032दशमीशतभिषासुबह 10:28 – सुबह 11:50

सामान्य प्रश्न

शनि, 6 नवंबर 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; सुबह 11:21 तक।

शनि, 6 नवंबर 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; शाम 6:27 तक।

शनि, 6 नवंबर 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 9:04 – सुबह 10:27 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 6 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:19 और सूर्यास्त शाम 5:19 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।