दैनिक पंचांग
हैदराबाद पंचांग, सोम, 8 सितंबर 2031
सोम, 8 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्याघात और करण बव है। राहु काल सुबह 7:35 – सुबह 9:08 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:03
- सूर्यास्त
- शाम 6:24
- तिथि
- सप्तमी · सुबह 8:47 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · रात 1:20 तक
- योग
- व्याघात
- करण
- बव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:35 – सुबह 9:08
- यमगंड
- सुबह 10:41 – दोपहर 12:13
- गुलिक काल
- दोपहर 1:46 – दोपहर 3:19
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:42 – दोपहर 12:30
- अमृत काल
- सुबह 6:49 – सुबह 8:22
आज हैदराबाद में
सोम, 8 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्याघात और करण बव है। राहु काल सुबह 7:35 – सुबह 9:08 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 9 सितंबर 2031 | अष्टमी | मृगशिरा | दोपहर 3:18 – शाम 4:50 |
| बुध, 10 सितंबर 2031 | नवमी | आर्द्रा | दोपहर 12:13 – दोपहर 1:45 |
| गुरु, 11 सितंबर 2031 | दशमी | आर्द्रा | दोपहर 1:44 – दोपहर 3:17 |
| शुक्र, 12 सितंबर 2031 | एकादशी | पुनर्वसु | सुबह 10:40 – दोपहर 12:12 |
| शनि, 13 सितंबर 2031 | द्वादशी | पुष्य | सुबह 9:07 – सुबह 10:39 |
| रवि, 14 सितंबर 2031 | त्रयोदशी | आश्लेषा | शाम 4:47 – शाम 6:19 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 8 सितंबर 2031 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 8:47 तक।
सोम, 8 सितंबर 2031 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; रात 1:20 तक।
सोम, 8 सितंबर 2031 को हैदराबाद में राहु काल कब है?
हैदराबाद में राहु काल सुबह 7:35 – सुबह 9:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 8 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:24 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।