सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, बुध, 10 सितंबर 2031

बुध, 10 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग वज्र और करण गर है। राहु काल दोपहर 12:13 – दोपहर 1:45 है।

सूर्योदय
सुबह 6:03
सूर्यास्त
शाम 6:22
तिथि
नवमी · दोपहर 1:11 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · सुबह 7:11 तक
योग
वज्र
करण
गर
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:13 – दोपहर 1:45
यमगंड
सुबह 7:35 – सुबह 9:08
गुलिक काल
सुबह 10:40 – दोपहर 12:13
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:42 – दोपहर 12:30
अमृत काल
सुबह 9:54 – सुबह 11:26

पूरा पंचांग खोलें

आज हैदराबाद में

बुध, 10 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग वज्र और करण गर है। राहु काल दोपहर 12:13 – दोपहर 1:45 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 11 सितंबर 2031दशमीआर्द्रादोपहर 1:44 – दोपहर 3:17
शुक्र, 12 सितंबर 2031एकादशीपुनर्वसुसुबह 10:40 – दोपहर 12:12
शनि, 13 सितंबर 2031द्वादशीपुष्यसुबह 9:07 – सुबह 10:39
रवि, 14 सितंबर 2031त्रयोदशीआश्लेषाशाम 4:47 – शाम 6:19
सोम, 15 सितंबर 2031चतुर्दशीमघासुबह 7:35 – सुबह 9:07
मंगल, 16 सितंबर 2031अमावस्यापूर्वा फाल्गुनीदोपहर 3:14 – शाम 4:45

सामान्य प्रश्न

बुध, 10 सितंबर 2031 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; दोपहर 1:11 तक।

बुध, 10 सितंबर 2031 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; सुबह 7:11 तक।

बुध, 10 सितंबर 2031 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल दोपहर 12:13 – दोपहर 1:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 10 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:22 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।