दैनिक पंचांग
हैदराबाद पंचांग, शुक्र, 12 सितंबर 2031
शुक्र, 12 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग व्यतीपात और करण बालव है। राहु काल सुबह 10:40 – दोपहर 12:12 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:03
- सूर्यास्त
- शाम 6:21
- तिथि
- एकादशी · शाम 6:06 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · सुबह 10:11 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- बालव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:40 – दोपहर 12:12
- यमगंड
- दोपहर 3:16 – शाम 4:48
- गुलिक काल
- सुबह 7:35 – सुबह 9:07
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:41 – दोपहर 12:29
- अमृत काल
- दोपहर 12:58 – दोपहर 2:30
आज हैदराबाद में
शुक्र, 12 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग व्यतीपात और करण बालव है। राहु काल सुबह 10:40 – दोपहर 12:12 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 13 सितंबर 2031 | द्वादशी | पुष्य | सुबह 9:07 – सुबह 10:39 |
| रवि, 14 सितंबर 2031 | त्रयोदशी | आश्लेषा | शाम 4:47 – शाम 6:19 |
| सोम, 15 सितंबर 2031 | चतुर्दशी | मघा | सुबह 7:35 – सुबह 9:07 |
| मंगल, 16 सितंबर 2031 | अमावस्या | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 3:14 – शाम 4:45 |
| बुध, 17 सितंबर 2031 | प्रतिपदा | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 12:10 – दोपहर 1:42 |
| गुरु, 18 सितंबर 2031 | द्वितीया | हस्त | दोपहर 1:41 – दोपहर 3:13 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 12 सितंबर 2031 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 6:06 तक।
शुक्र, 12 सितंबर 2031 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; सुबह 10:11 तक।
शुक्र, 12 सितंबर 2031 को हैदराबाद में राहु काल कब है?
हैदराबाद में राहु काल सुबह 10:40 – दोपहर 12:12 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 12 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:21 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।