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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, बुध, 17 सितंबर 2031

बुध, 17 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग साध्य और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 12:10 – दोपहर 1:42 है।

सूर्योदय
सुबह 6:04
सूर्यास्त
शाम 6:16
तिथि
प्रतिपदा · रात 12:45 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी · रात 8:15 तक
योग
साध्य
करण
किंस्तुघ्न
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:10 – दोपहर 1:42
यमगंड
सुबह 7:35 – सुबह 9:07
गुलिक काल
सुबह 10:38 – दोपहर 12:10
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
अमृत काल
सुबह 9:53 – सुबह 11:24

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आज हैदराबाद में

बुध, 17 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग साध्य और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 12:10 – दोपहर 1:42 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 18 सितंबर 2031द्वितीयाहस्तदोपहर 1:41 – दोपहर 3:13
शुक्र, 19 सितंबर 2031तृतीयाचित्रासुबह 10:38 – दोपहर 12:09
शनि, 20 सितंबर 2031चतुर्थीस्वातीसुबह 9:07 – सुबह 10:38
रवि, 21 सितंबर 2031पंचमीविशाखाशाम 4:42 – शाम 6:13
सोम, 22 सितंबर 2031षष्ठीअनुराधासुबह 7:35 – सुबह 9:06
मंगल, 23 सितंबर 2031सप्तमीज्येष्ठादोपहर 3:10 – शाम 4:40

सामान्य प्रश्न

बुध, 17 सितंबर 2031 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; रात 12:45 तक।

बुध, 17 सितंबर 2031 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; रात 8:15 तक।

बुध, 17 सितंबर 2031 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल दोपहर 12:10 – दोपहर 1:42 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 17 सितंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 6:16 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।