दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, मंगल, 30 सितंबर 2031
मंगल, 30 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:10 – शाम 4:40 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:08
- सूर्यास्त
- शाम 6:10
- तिथि
- पूर्णिमा · रात 12:28 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद · सुबह 7:47 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- विष्टि
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:10 – शाम 4:40
- यमगंड
- सुबह 9:09 – सुबह 10:39
- गुलिक काल
- दोपहर 12:09 – दोपहर 1:39
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:39 – दोपहर 12:27
- अमृत काल
- सुबह 8:24 – सुबह 9:54
आज बेंगलुरु में
मंगल, 30 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:10 – शाम 4:40 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 1 अक्टूबर 2031 | प्रतिपदा | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 12:09 – दोपहर 1:39 |
| गुरु, 2 अक्टूबर 2031 | द्वितीया | रेवती | दोपहर 1:39 – दोपहर 3:09 |
| शुक्र, 3 अक्टूबर 2031 | तृतीया | अश्विनी | सुबह 10:38 – दोपहर 12:08 |
| शनि, 4 अक्टूबर 2031 | चतुर्थी | भरणी | सुबह 9:08 – सुबह 10:38 |
| रवि, 5 अक्टूबर 2031 | पंचमी | कृत्तिका | शाम 4:37 – शाम 6:07 |
| सोम, 6 अक्टूबर 2031 | षष्ठी | रोहिणी | सुबह 7:38 – सुबह 9:08 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 30 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; रात 12:28 तक।
मंगल, 30 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; सुबह 7:47 तक।
मंगल, 30 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल दोपहर 3:10 – शाम 4:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 30 सितंबर 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:08 और सूर्यास्त शाम 6:10 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।