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दैनिक पंचांग

बेंगलुरु पंचांग, बुध, 1 अक्टूबर 2031

बुध, 1 अक्टूबर 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:09 – दोपहर 1:39 है।

सूर्योदय
सुबह 6:08
सूर्यास्त
शाम 6:09
तिथि
प्रतिपदा · रात 10:52 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद · सुबह 6:33 तक
योग
वृद्धि
करण
बालव
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:09 – दोपहर 1:39
यमगंड
सुबह 7:38 – सुबह 9:09
गुलिक काल
सुबह 10:39 – दोपहर 12:09
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:39 – दोपहर 12:27
अमृत काल
सुबह 9:54 – सुबह 11:24

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आज बेंगलुरु में

बुध, 1 अक्टूबर 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:09 – दोपहर 1:39 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

बेंगलुरु – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 2 अक्टूबर 2031द्वितीयारेवतीदोपहर 1:39 – दोपहर 3:09
शुक्र, 3 अक्टूबर 2031तृतीयाअश्विनीसुबह 10:38 – दोपहर 12:08
शनि, 4 अक्टूबर 2031चतुर्थीभरणीसुबह 9:08 – सुबह 10:38
रवि, 5 अक्टूबर 2031पंचमीकृत्तिकाशाम 4:37 – शाम 6:07
सोम, 6 अक्टूबर 2031षष्ठीरोहिणीसुबह 7:38 – सुबह 9:08
मंगल, 7 अक्टूबर 2031सप्तमीमृगशिरादोपहर 3:06 – शाम 4:36

सामान्य प्रश्न

बुध, 1 अक्टूबर 2031 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; रात 10:52 तक।

बुध, 1 अक्टूबर 2031 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; सुबह 6:33 तक।

बुध, 1 अक्टूबर 2031 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?

बेंगलुरु में राहु काल दोपहर 12:09 – दोपहर 1:39 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 1 अक्टूबर 2031 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:08 और सूर्यास्त शाम 6:09 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।