दैनिक पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, गुरु, 5 सितंबर 2030
गुरु, 5 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग Vishkumbha और करण बव है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:45 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:23
- सूर्यास्त
- शाम 6:53
- तिथि
- अष्टमी · दोपहर 2:23 तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा · रात 11:37 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- बव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 2:12 – दोपहर 3:45
- यमगंड
- सुबह 6:23 – सुबह 7:56
- गुलिक काल
- सुबह 9:30 – सुबह 11:04
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:07 – दोपहर 12:55
- अमृत काल
- सुबह 11:51 – दोपहर 1:25
आज अहमदाबाद में
गुरु, 5 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग Vishkumbha और करण बव है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:45 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 6 सितंबर 2030 | नवमी | मूल | सुबह 11:04 – दोपहर 12:37 |
| शनि, 7 सितंबर 2030 | दशमी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 9:30 – सुबह 11:04 |
| रवि, 8 सितंबर 2030 | एकादशी | उत्तराषाढ़ा | शाम 5:17 – शाम 6:50 |
| सोम, 9 सितंबर 2030 | द्वादशी | श्रवण | सुबह 7:57 – सुबह 9:30 |
| मंगल, 10 सितंबर 2030 | चतुर्दशी | धनिष्ठा | दोपहर 3:42 – शाम 5:15 |
| बुध, 11 सितंबर 2030 | पूर्णिमा | शतभिषा | दोपहर 12:36 – दोपहर 2:09 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 5 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; दोपहर 2:23 तक।
गुरु, 5 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; रात 11:37 तक।
गुरु, 5 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?
अहमदाबाद में राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 5 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:23 और सूर्यास्त शाम 6:53 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।