दैनिक पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, बुध, 11 सितंबर 2030
बुध, 11 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र शतभिषा, योग सुकर्मा और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:36 – दोपहर 2:09 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:25
- सूर्यास्त
- शाम 6:47
- तिथि
- पूर्णिमा · रात 2:48 तक
- नक्षत्र
- शतभिषा · शाम 6:00 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- विष्टि
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:36 – दोपहर 2:09
- यमगंड
- सुबह 7:57 – सुबह 9:30
- गुलिक काल
- सुबह 11:03 – दोपहर 12:36
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:05 – दोपहर 12:53
- अमृत काल
- सुबह 10:17 – सुबह 11:49
आज अहमदाबाद में
बुध, 11 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र शतभिषा, योग सुकर्मा और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:36 – दोपहर 2:09 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 12 सितंबर 2030 | प्रतिपदा | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 2:08 – दोपहर 3:41 |
| शुक्र, 13 सितंबर 2030 | द्वितीया | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 11:03 – दोपहर 12:35 |
| शनि, 14 सितंबर 2030 | तृतीया | रेवती | सुबह 9:30 – सुबह 11:02 |
| रवि, 15 सितंबर 2030 | चतुर्थी | अश्विनी | शाम 5:11 – शाम 6:43 |
| सोम, 16 सितंबर 2030 | पंचमी | भरणी | सुबह 7:58 – सुबह 9:30 |
| मंगल, 17 सितंबर 2030 | पंचमी | कृत्तिका | दोपहर 3:37 – शाम 5:09 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 11 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; रात 2:48 तक।
बुध, 11 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; शाम 6:00 तक।
बुध, 11 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?
अहमदाबाद में राहु काल दोपहर 12:36 – दोपहर 2:09 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 11 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:25 और सूर्यास्त शाम 6:47 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।