दैनिक पंचांग
अहमदाबाद पंचांग, रवि, 1 सितंबर 2030
रवि, 1 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र हस्त, योग शुभ और करण वणिज है। राहु काल शाम 5:22 – शाम 6:57 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:21
- सूर्यास्त
- शाम 6:57
- तिथि
- चतुर्थी · रात 10:38 तक
- नक्षत्र
- हस्त · सुबह 6:00 तक
- योग
- शुभ
- करण
- वणिज
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 5:22 – शाम 6:57
- यमगंड
- दोपहर 12:39 – दोपहर 2:14
- गुलिक काल
- दोपहर 3:48 – शाम 5:22
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:08 – दोपहर 12:56
- अमृत काल
- दोपहर 1:26 – दोपहर 3:01
आज अहमदाबाद में
रवि, 1 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय सुबह 6:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र हस्त, योग शुभ और करण वणिज है। राहु काल शाम 5:22 – शाम 6:57 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल अहमदाबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 2 सितंबर 2030 | पंचमी | स्वाती | सुबह 7:56 – सुबह 9:30 |
| मंगल, 3 सितंबर 2030 | षष्ठी | विशाखा | दोपहर 3:47 – शाम 5:21 |
| बुध, 4 सितंबर 2030 | सप्तमी | अनुराधा | दोपहर 12:38 – दोपहर 2:12 |
| गुरु, 5 सितंबर 2030 | अष्टमी | ज्येष्ठा | दोपहर 2:12 – दोपहर 3:45 |
| शुक्र, 6 सितंबर 2030 | नवमी | मूल | सुबह 11:04 – दोपहर 12:37 |
| शनि, 7 सितंबर 2030 | दशमी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 9:30 – सुबह 11:04 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 1 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 10:38 तक।
रवि, 1 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; सुबह 6:00 तक।
रवि, 1 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में राहु काल कब है?
अहमदाबाद में राहु काल शाम 5:22 – शाम 6:57 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 1 सितंबर 2030 को अहमदाबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:21 और सूर्यास्त शाम 6:57 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।