राशि गाइड
मेष राशि
मेष लग्न के साथ आप जीवन का सामना सीधे, ऊर्जा के साथ करते हैं और नई शुरुआत करना पसंद करते हैं। तेज़ शुरुआत स्वाभाविक है; गति संतुलित रखने से आप शुरू किए काम पूरे कर पाते हैं।
- स्वामी
- मंगल
- तत्व
- अग्नि
- स्वभाव
- चर
- चिह्न
- मेढ़ा
- दिशा
- पूर्व
- नक्षत्र
- अश्विनी, भरणी, कृत्तिका
जब मेष लग्न हो
मेष लग्न के साथ आप जीवन का सामना सीधे, ऊर्जा के साथ करते हैं और नई शुरुआत करना पसंद करते हैं। तेज़ शुरुआत स्वाभाविक है; गति संतुलित रखने से आप शुरू किए काम पूरे कर पाते हैं।
मेष राशि का स्वभाव
मेष अग्नि तत्व और चर स्वभाव की राशि है, जिसका स्वामी मंगल है। इसका चिह्न मेढ़ा है; शास्त्र इसे सिर और पूर्व दिशा से जोड़ते हैं।
स्वभाव और जीवन शैली
मेष राशि के लोग किसी भी काम की शुरुआत करने का साहस रखते हैं। मेढ़े के प्रतीक की तरह सीधे आगे बढ़ना इनका स्वभाव है। राशि चक्र की पहली राशि होने के कारण नए कामों में नेतृत्व करते हैं; धैर्य सीख लें तो सफलता टिकाऊ होती है। अग्नि तत्व की राशि होने से उत्साह और पहल करना स्वभाव में है। क्रोध जल्दी आता है और जल्दी शांत भी होता है; ध्यान और प्राणायाम इन्हें संतुलन देते हैं।
परंपरागत उपासना
राशि स्वामी मंगल होने के कारण मंगलवार को हनुमान जी की उपासना और हनुमान चालीसा का पाठ इस राशि के लिए परंपरागत उपाय है। लाल फूल चढ़ाना और मसूर की दाल का दान मंगल को शांत करता है।
मेष में उच्च और नीच ग्रह
सूर्य यहाँ उच्च का होकर श्रेष्ठ फल देने की ओर रहता है। शनि यहाँ नीच का होता है और कुंडली के अन्य योगों का सहारा चाहता है।
मेष के नक्षत्र
मेष में आने वाले नक्षत्र अश्विनी, भरणी, कृत्तिका हैं। राशि के भीतर आपके चंद्रमा का नक्षत्र मेष की हर बात को सूक्ष्म बनाता है।
चंद्र राशि, लग्न और सूर्य राशि
भारतीय ज्योतिष में राशि का अर्थ प्रायः जन्म के समय चंद्रमा की राशि होता है; दैनिक राशिफल, साढ़ेसाती और विवाह मिलान इसी से देखे जाते हैं। लग्न शरीर और दृष्टिकोण, तथा सूर्य राशि उद्देश्य दर्शाती है। तीनों अलग हो सकती हैं।
मिलान और गोचर में मेष
राशि मिलान कन्या की राशि से वर की राशि तक गिनकर देखा जाता है। मेष से पहले, मेष में और बाद वाली राशि में शनि का गोचर इस राशि वालों की साढ़ेसाती है। इस पृष्ठ की तालिका हर जोड़ी का विस्तृत पृष्ठ खोलती है।
| साथी की राशि | राशि मिलान |
|---|---|
| वृषभ | सावधानी |
| मिथुन | अनुकूल |
| कर्क | अनुकूल |
| सिंह | अनुकूल |
| कन्या | सावधानी |
| तुला | अनुकूल |
| वृश्चिक | सावधानी |
| धनु | अनुकूल |
| मकर | अनुकूल |
| कुम्भ | अनुकूल |
| मीन | सावधानी |
सामान्य प्रश्न
मेष राशि का स्वामी कौन है?
मेष का स्वामी मंगल है। आपकी कुंडली में मंगल की स्थिति इस राशि के प्रकट होने को बहुत प्रभावित करती है।
मेष किस तत्व की राशि है?
मेष अग्नि तत्व और चर स्वभाव की राशि है।
मेष राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
मेष में पूर्ण या आंशिक रूप से आने वाले नक्षत्र: अश्विनी, भरणी, कृत्तिका।
मेष राशि में कौन सा ग्रह उच्च का होता है?
मेष में सूर्य उच्च का होता है।
मेष राशि में कौन सा ग्रह नीच का होता है?
मेष में शनि नीच का होता है।
मेष राशि का चिह्न क्या है?
मेष का चिह्न मेढ़ा है।
मेष के साथ कौन सी राशियाँ मेल खाती हैं?
इस पृष्ठ की तालिका हर जोड़ी का राशि मिलान दिखाती है। पूरे मिलान के लिए दोनों के नक्षत्र और पूरी कुंडली चाहिए।
क्या मेष पश्चिमी मेष के समान है?
नाम का भाग वही है, पर निरयन राशिचक्र सायन से लगभग 24° पीछे है, इसलिए आपकी वैदिक राशि प्रायः पश्चिमी राशि से एक पहले होती है।
अपनी राशि कैसे जानें?
आपकी राशि चंद्र राशि है। सही जन्म समय और स्थान के साथ मुफ़्त कुंडली बनाएँ।
इस राशि के लिए कौन से कार्यक्षेत्र अनुकूल हैं?
पुलिस, सेना, खेल, शल्य चिकित्सा, इंजीनियरिंग और अपना व्यवसाय जैसे साहस और गति वाले क्षेत्र इनके लिए अनुकूल हैं। फिर भी करियर का निर्णय पूरी कुंडली में दशम भाव और दशा देखकर ही करना चाहिए।
इस राशि के लिए कौन सा रत्न और रंग शुभ है?
राशि स्वामी का रत्न मूँगा परंपरा से बताया जाता है; शुभ रंग लाल और शुभ दिन मंगलवार है। पर रत्न धारण करने से पहले लग्न और ग्रहों का बल पूरी कुंडली में देखना चाहिए, यही शास्त्र की सलाह है।