दैनिक पंचांग
विजयवाड़ा पंचांग, मंगल, 1 फ़रवरी 2033
मंगल, 1 फ़रवरी 2033 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:38 पर और सूर्यास्त शाम 6:03 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि द्वितीया है, जो रात 8:37 तक रहेगी, और नक्षत्र धनिष्ठा है, जो सुबह 10:54 तक रहेगा। योग व्यतीपात और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:12 – शाम 4:38 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:38
- सूर्यास्त
- शाम 6:03
- तिथि
- द्वितीया · रात 8:37 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा · सुबह 10:54 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- बालव
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:12 – शाम 4:38
- यमगंड
- सुबह 9:29 – सुबह 10:55
- गुलिक काल
- दोपहर 12:21 – दोपहर 1:46
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
- अमृत काल
- सुबह 8:46 – सुबह 10:12
आज विजयवाड़ा में
मंगल, 1 फ़रवरी 2033 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:38 पर और सूर्यास्त शाम 6:03 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि द्वितीया है, जो रात 8:37 तक रहेगी, और नक्षत्र धनिष्ठा है, जो सुबह 10:54 तक रहेगा। योग व्यतीपात और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:12 – शाम 4:38 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 2 फ़रवरी 2033 | तृतीया | शतभिषा | दोपहर 12:21 – दोपहर 1:46 |
| गुरु, 3 फ़रवरी 2033 | चतुर्थी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 1:47 – दोपहर 3:13 |
| शुक्र, 4 फ़रवरी 2033 | पंचमी | रेवती | सुबह 10:55 – दोपहर 12:21 |
| शनि, 5 फ़रवरी 2033 | षष्ठी | अश्विनी | सुबह 9:29 – सुबह 10:55 |
| रवि, 6 फ़रवरी 2033 | सप्तमी | भरणी | शाम 4:40 – शाम 6:06 |
| सोम, 7 फ़रवरी 2033 | अष्टमी | कृत्तिका | सुबह 8:02 – सुबह 9:29 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 1 फ़रवरी 2033 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 8:37 तक।
मंगल, 1 फ़रवरी 2033 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; सुबह 10:54 तक।
मंगल, 1 फ़रवरी 2033 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?
विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 3:12 – शाम 4:38 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 1 फ़रवरी 2033 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:38 और सूर्यास्त शाम 6:03 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।