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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, शुक्र, 21 जून 2030

शुक्र, 21 जून 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र शतभिषा, योग विष्कम्भ और करण वणिज है। राहु काल सुबह 10:30 – दोपहर 12:09 है।

सूर्योदय
तड़के 5:35
सूर्यास्त
शाम 6:42
तिथि
षष्ठी · सुबह 10:22 तक
नक्षत्र
शतभिषा · दोपहर 2:45 तक
योग
विष्कम्भ
करण
वणिज
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:30 – दोपहर 12:09
यमगंड
दोपहर 3:25 – शाम 5:04
गुलिक काल
सुबह 7:14 – सुबह 8:52
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
अमृत काल
दोपहर 12:58 – दोपहर 2:36

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आज विजयवाड़ा में

शुक्र, 21 जून 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र शतभिषा, योग विष्कम्भ और करण वणिज है। राहु काल सुबह 10:30 – दोपहर 12:09 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 22 जून 2030सप्तमीपूर्वा भाद्रपदसुबह 8:52 – सुबह 10:31
रवि, 23 जून 2030अष्टमीउत्तरा भाद्रपदशाम 5:04 – शाम 6:42
सोम, 24 जून 2030नवमीरेवतीसुबह 7:14 – सुबह 8:53
मंगल, 25 जून 2030दशमीअश्विनीदोपहर 3:26 – शाम 5:05
बुध, 26 जून 2030एकादशीभरणीदोपहर 12:10 – दोपहर 1:48
गुरु, 27 जून 2030द्वादशीकृत्तिकादोपहर 1:48 – दोपहर 3:27

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 21 जून 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; सुबह 10:22 तक।

शुक्र, 21 जून 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; दोपहर 2:45 तक।

शुक्र, 21 जून 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल सुबह 10:30 – दोपहर 12:09 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 21 जून 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:35 और सूर्यास्त शाम 6:42 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।