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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, गुरु, 27 जून 2030

गुरु, 27 जून 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग सुकर्मा और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:27 है।

सूर्योदय
तड़के 5:37
सूर्यास्त
शाम 6:43
तिथि
द्वादशी · रात 8:03 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · तड़के 4:46 तक
योग
सुकर्मा
करण
कौलव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:48 – दोपहर 3:27
यमगंड
तड़के 5:37 – सुबह 7:15
गुलिक काल
सुबह 8:53 – सुबह 10:32
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:37 – दोपहर 12:25
अमृत काल
सुबह 11:21 – दोपहर 12:59

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आज विजयवाड़ा में

गुरु, 27 जून 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग सुकर्मा और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:27 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 28 जून 2030त्रयोदशीरोहिणीसुबह 10:32 – दोपहर 12:10
शनि, 29 जून 2030चतुर्दशीरोहिणीसुबह 8:54 – सुबह 10:32
रवि, 30 जून 2030अमावस्यामृगशिराशाम 5:05 – शाम 6:44
सोम, 1 जुलाई 2030प्रतिपदाआर्द्रासुबह 7:16 – सुबह 8:54
मंगल, 2 जुलाई 2030द्वितीयापुनर्वसुदोपहर 3:27 – शाम 5:06
बुध, 3 जुलाई 2030द्वितीयापुष्यदोपहर 12:11 – दोपहर 1:49

सामान्य प्रश्न

गुरु, 27 जून 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 8:03 तक।

गुरु, 27 जून 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; तड़के 4:46 तक।

गुरु, 27 जून 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:27 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 27 जून 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:37 और सूर्यास्त शाम 6:43 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।