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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, गुरु, 28 मार्च 2030

गुरु, 28 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग परिघ और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16 है।

सूर्योदय
सुबह 6:05
सूर्यास्त
शाम 6:19
तिथि
दशमी · रात 12:51 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · शाम 5:50 तक
योग
परिघ
करण
वणिज
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16
यमगंड
सुबह 6:05 – सुबह 7:37
गुलिक काल
सुबह 9:09 – सुबह 10:40
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:42 – दोपहर 12:30
अमृत काल
सुबह 11:26 – दोपहर 12:58

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आज विजयवाड़ा में

गुरु, 28 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग परिघ और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 29 मार्च 2030एकादशीश्रवणसुबह 10:40 – दोपहर 12:12
शनि, 30 मार्च 2030द्वादशीधनिष्ठासुबह 9:08 – सुबह 10:40
रवि, 31 मार्च 2030त्रयोदशीशतभिषाशाम 4:48 – शाम 6:20
सोम, 1 अप्रैल 2030चतुर्दशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 7:34 – सुबह 9:07
मंगल, 2 अप्रैल 2030अमावस्याउत्तरा भाद्रपददोपहर 3:15 – शाम 4:48
बुध, 3 अप्रैल 2030प्रतिपदारेवतीदोपहर 12:10 – दोपहर 1:43

सामान्य प्रश्न

गुरु, 28 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; रात 12:51 तक।

गुरु, 28 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; शाम 5:50 तक।

गुरु, 28 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 28 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:05 और सूर्यास्त शाम 6:19 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।