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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, रवि, 31 मार्च 2030

रवि, 31 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र शतभिषा, योग साध्य और करण गर है। राहु काल शाम 4:48 – शाम 6:20 है।

सूर्योदय
सुबह 6:03
सूर्यास्त
शाम 6:20
तिथि
त्रयोदशी · रात 1:15 तक
नक्षत्र
शतभिषा · रात 7:49 तक
योग
साध्य
करण
गर
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:48 – शाम 6:20
यमगंड
दोपहर 12:11 – दोपहर 1:43
गुलिक काल
दोपहर 3:15 – शाम 4:48
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:41 – दोपहर 12:29
अमृत काल
दोपहर 12:57 – दोपहर 2:29

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आज विजयवाड़ा में

रवि, 31 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र शतभिषा, योग साध्य और करण गर है। राहु काल शाम 4:48 – शाम 6:20 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 1 अप्रैल 2030चतुर्दशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 7:34 – सुबह 9:07
मंगल, 2 अप्रैल 2030अमावस्याउत्तरा भाद्रपददोपहर 3:15 – शाम 4:48
बुध, 3 अप्रैल 2030प्रतिपदारेवतीदोपहर 12:10 – दोपहर 1:43
गुरु, 4 अप्रैल 2030द्वितीयाअश्विनीदोपहर 1:43 – दोपहर 3:15
शुक्र, 5 अप्रैल 2030द्वितीयाभरणीसुबह 10:37 – दोपहर 12:10
शनि, 6 अप्रैल 2030तृतीयाभरणीसुबह 9:04 – सुबह 10:37

सामान्य प्रश्न

रवि, 31 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; रात 1:15 तक।

रवि, 31 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; रात 7:49 तक।

रवि, 31 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल शाम 4:48 – शाम 6:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 31 मार्च 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:20 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।