दैनिक पंचांग
विजयवाड़ा पंचांग, बुध, 27 फ़रवरी 2030
बुध, 27 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:26 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मूल, योग वज्र और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:48 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:26
- सूर्यास्त
- शाम 6:13
- तिथि
- दशमी · दोपहर 3:20 तक
- नक्षत्र
- मूल · दोपहर 1:11 तक
- योग
- वज्र
- करण
- विष्टि
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:20 – दोपहर 1:48
- यमगंड
- सुबह 7:55 – सुबह 9:23
- गुलिक काल
- सुबह 10:51 – दोपहर 12:20
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
- अमृत काल
- सुबह 10:07 – सुबह 11:36
आज विजयवाड़ा में
बुध, 27 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:26 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मूल, योग वज्र और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:48 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 28 फ़रवरी 2030 | एकादशी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 1:48 – दोपहर 3:17 |
| शुक्र, 1 मार्च 2030 | द्वादशी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 10:51 – दोपहर 12:19 |
| शनि, 2 मार्च 2030 | त्रयोदशी | श्रवण | सुबह 9:22 – सुबह 10:50 |
| रवि, 3 मार्च 2030 | चतुर्दशी | धनिष्ठा | शाम 4:45 – शाम 6:14 |
| सोम, 4 मार्च 2030 | अमावस्या | शतभिषा | सुबह 7:52 – सुबह 9:21 |
| मंगल, 5 मार्च 2030 | प्रतिपदा | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 3:17 – शाम 4:46 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 27 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; दोपहर 3:20 तक।
बुध, 27 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; दोपहर 1:11 तक।
बुध, 27 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?
विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:48 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 27 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:26 और सूर्यास्त शाम 6:13 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।