सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, गुरु, 28 फ़रवरी 2030

गुरु, 28 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:26 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग सिद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:17 है।

सूर्योदय
सुबह 6:26
सूर्यास्त
शाम 6:14
तिथि
एकादशी · दोपहर 2:05 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · दोपहर 12:35 तक
योग
सिद्धि
करण
बालव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:48 – दोपहर 3:17
यमगंड
सुबह 6:26 – सुबह 7:54
गुलिक काल
सुबह 9:23 – सुबह 10:51
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
अमृत काल
सुबह 11:35 – दोपहर 1:04

पूरा पंचांग खोलें

आज विजयवाड़ा में

गुरु, 28 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय सुबह 6:26 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग सिद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:17 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 1 मार्च 2030द्वादशीउत्तराषाढ़ासुबह 10:51 – दोपहर 12:19
शनि, 2 मार्च 2030त्रयोदशीश्रवणसुबह 9:22 – सुबह 10:50
रवि, 3 मार्च 2030चतुर्दशीधनिष्ठाशाम 4:45 – शाम 6:14
सोम, 4 मार्च 2030अमावस्याशतभिषासुबह 7:52 – सुबह 9:21
मंगल, 5 मार्च 2030प्रतिपदापूर्वा भाद्रपददोपहर 3:17 – शाम 4:46
बुध, 6 मार्च 2030द्वितीयाउत्तरा भाद्रपददोपहर 12:18 – दोपहर 1:47

सामान्य प्रश्न

गुरु, 28 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; दोपहर 2:05 तक।

गुरु, 28 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; दोपहर 12:35 तक।

गुरु, 28 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 28 फ़रवरी 2030 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:26 और सूर्यास्त शाम 6:14 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।