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दैनिक पंचांग

विजयवाड़ा पंचांग, मंगल, 4 सितंबर 2029

मंगल, 4 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:54 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र आर्द्रा, योग सिद्धि और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:12 – शाम 4:45 है।

सूर्योदय
तड़के 5:54
सूर्यास्त
शाम 6:18
तिथि
एकादशी · रात 12:36 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · तड़के 5:52 तक
योग
सिद्धि
करण
बव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:12 – शाम 4:45
यमगंड
सुबह 9:00 – सुबह 10:33
गुलिक काल
दोपहर 12:06 – दोपहर 1:39
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
अमृत काल
सुबह 8:13 – सुबह 9:46

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आज विजयवाड़ा में

मंगल, 4 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:54 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र आर्द्रा, योग सिद्धि और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:12 – शाम 4:45 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

विजयवाड़ा – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 5 सितंबर 2029द्वादशीपुनर्वसुदोपहर 12:05 – दोपहर 1:38
गुरु, 6 सितंबर 2029त्रयोदशीपुष्यदोपहर 1:38 – दोपहर 3:11
शुक्र, 7 सितंबर 2029चतुर्दशीमघासुबह 10:32 – दोपहर 12:05
शनि, 8 सितंबर 2029अमावस्यापूर्वा फाल्गुनीसुबह 8:59 – सुबह 10:32
रवि, 9 सितंबर 2029प्रतिपदाउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:41 – शाम 6:14
सोम, 10 सितंबर 2029द्वितीयाहस्तसुबह 7:27 – सुबह 8:59

सामान्य प्रश्न

मंगल, 4 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; रात 12:36 तक।

मंगल, 4 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; तड़के 5:52 तक।

मंगल, 4 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?

विजयवाड़ा में राहु काल दोपहर 3:12 – शाम 4:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 4 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:54 और सूर्यास्त शाम 6:18 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।