दैनिक पंचांग
विजयवाड़ा पंचांग, शनि, 8 सितंबर 2029
शनि, 8 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:54 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग शिव और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 8:59 – सुबह 10:32 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:54
- सूर्यास्त
- शाम 6:14
- तिथि
- अमावस्या · शाम 4:15 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी · रात 12:07 तक
- योग
- शिव
- करण
- चतुष्पद
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:59 – सुबह 10:32
- यमगंड
- दोपहर 1:37 – दोपहर 3:09
- गुलिक काल
- तड़के 5:54 – सुबह 7:27
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:34 – दोपहर 12:22
- अमृत काल
- दोपहर 2:23 – दोपहर 3:56
आज विजयवाड़ा में
शनि, 8 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय तड़के 5:54 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग शिव और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 8:59 – सुबह 10:32 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल विजयवाड़ा के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 9 सितंबर 2029 | प्रतिपदा | उत्तरा फाल्गुनी | शाम 4:41 – शाम 6:14 |
| सोम, 10 सितंबर 2029 | द्वितीया | हस्त | सुबह 7:27 – सुबह 8:59 |
| मंगल, 11 सितंबर 2029 | तृतीया | चित्रा | दोपहर 3:08 – शाम 4:40 |
| बुध, 12 सितंबर 2029 | पंचमी | स्वाती | दोपहर 12:03 – दोपहर 1:35 |
| गुरु, 13 सितंबर 2029 | षष्ठी | विशाखा | दोपहर 1:35 – दोपहर 3:07 |
| शुक्र, 14 सितंबर 2029 | सप्तमी | अनुराधा | सुबह 10:31 – दोपहर 12:02 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 8 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; शाम 4:15 तक।
शनि, 8 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; रात 12:07 तक।
शनि, 8 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में राहु काल कब है?
विजयवाड़ा में राहु काल सुबह 8:59 – सुबह 10:32 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 8 सितंबर 2029 को विजयवाड़ा में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:54 और सूर्यास्त शाम 6:14 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।