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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, शनि, 3 अप्रैल 2038

शनि, 3 अप्रैल 2038 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:47 पर और सूर्यास्त शाम 6:15 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि चतुर्दशी है, जो रात 7:47 तक रहेगी, और नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है, जो सुबह 11:20 तक रहेगा। योग शुभ और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 8:54 – सुबह 10:28 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

सूर्योदय
तड़के 5:47
सूर्यास्त
शाम 6:15
तिथि
चतुर्दशी · रात 7:47 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · सुबह 11:20 तक
योग
शुभ
करण
विष्टि
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:54 – सुबह 10:28
यमगंड
दोपहर 1:35 – दोपहर 3:08
गुलिक काल
तड़के 5:47 – सुबह 7:21
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:30 – दोपहर 12:18
अमृत काल
दोपहर 2:21 – दोपहर 3:55

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आज वाराणसी में

शनि, 3 अप्रैल 2038 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:47 पर और सूर्यास्त शाम 6:15 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि चतुर्दशी है, जो रात 7:47 तक रहेगी, और नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है, जो सुबह 11:20 तक रहेगा। योग शुभ और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 8:54 – सुबह 10:28 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 4 अप्रैल 2038अमावस्याउत्तरा भाद्रपदशाम 4:42 – शाम 6:15
सोम, 5 अप्रैल 2038प्रतिपदारेवतीसुबह 7:19 – सुबह 8:53
मंगल, 6 अप्रैल 2038द्वितीयाअश्विनीदोपहर 3:08 – शाम 4:42
बुध, 7 अप्रैल 2038तृतीयाभरणीदोपहर 12:00 – दोपहर 1:34
गुरु, 8 अप्रैल 2038तृतीयाकृत्तिकादोपहर 1:34 – दोपहर 3:08
शुक्र, 9 अप्रैल 2038चतुर्थीरोहिणीसुबह 10:25 – सुबह 11:59

सामान्य प्रश्न

शनि, 3 अप्रैल 2038 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; रात 7:47 तक।

शनि, 3 अप्रैल 2038 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; सुबह 11:20 तक।

शनि, 3 अप्रैल 2038 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल सुबह 8:54 – सुबह 10:28 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 3 अप्रैल 2038 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:47 और सूर्यास्त शाम 6:15 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।