सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, मंगल, 11 अगस्त 2037

मंगल, 11 अगस्त 2037 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:29 पर और सूर्यास्त शाम 6:36 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या है, जो शाम 4:12 तक रहेगी, और नक्षत्र आश्लेषा है, जो रात 12:40 तक रहेगा। योग सिद्धि और करण चतुष्पद है। राहु काल दोपहर 3:19 – शाम 4:58 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

सूर्योदय
तड़के 5:29
सूर्यास्त
शाम 6:36
तिथि
अमावस्या · शाम 4:12 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · रात 12:40 तक
योग
सिद्धि
करण
चतुष्पद
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:19 – शाम 4:58
यमगंड
सुबह 8:46 – सुबह 10:24
गुलिक काल
दोपहर 12:03 – दोपहर 1:41
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:30 – दोपहर 12:18
अमृत काल
सुबह 7:57 – सुबह 9:35

पूरा पंचांग खोलें

आज वाराणसी में

मंगल, 11 अगस्त 2037 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:29 पर और सूर्यास्त शाम 6:36 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या है, जो शाम 4:12 तक रहेगी, और नक्षत्र आश्लेषा है, जो रात 12:40 तक रहेगा। योग सिद्धि और करण चतुष्पद है। राहु काल दोपहर 3:19 – शाम 4:58 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 12 अगस्त 2037प्रतिपदामघादोपहर 12:02 – दोपहर 1:41
गुरु, 13 अगस्त 2037द्वितीयापूर्वा फाल्गुनीदोपहर 1:40 – दोपहर 3:18
शुक्र, 14 अगस्त 2037तृतीयाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 10:24 – दोपहर 12:02
शनि, 15 अगस्त 2037पंचमीहस्तसुबह 8:47 – सुबह 10:24
रवि, 16 अगस्त 2037षष्ठीचित्राशाम 4:54 – शाम 6:32
सोम, 17 अगस्त 2037सप्तमीस्वातीसुबह 7:09 – सुबह 8:47

सामान्य प्रश्न

मंगल, 11 अगस्त 2037 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; शाम 4:12 तक।

मंगल, 11 अगस्त 2037 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; रात 12:40 तक।

मंगल, 11 अगस्त 2037 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल दोपहर 3:19 – शाम 4:58 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 11 अगस्त 2037 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:29 और सूर्यास्त शाम 6:36 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।