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दैनिक पंचांग

वाराणसी पंचांग, रवि, 3 मई 2037

रवि, 3 मई 2037 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:20 पर और सूर्यास्त शाम 6:29 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि चतुर्थी है, जो शाम 6:09 तक रहेगी, और नक्षत्र मूल है, जो तड़के 5:50 तक रहेगा। योग परिघ और करण बव है। राहु काल शाम 4:51 – शाम 6:29 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

सूर्योदय
तड़के 5:20
सूर्यास्त
शाम 6:29
तिथि
चतुर्थी · शाम 6:09 तक
नक्षत्र
मूल · तड़के 5:50 तक
योग
परिघ
करण
बव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:51 – शाम 6:29
यमगंड
सुबह 11:55 – दोपहर 1:33
गुलिक काल
दोपहर 3:12 – शाम 4:51
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
अमृत काल
दोपहर 12:44 – दोपहर 2:23

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आज वाराणसी में

रवि, 3 मई 2037 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:20 पर और सूर्यास्त शाम 6:29 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि चतुर्थी है, जो शाम 6:09 तक रहेगी, और नक्षत्र मूल है, जो तड़के 5:50 तक रहेगा। योग परिघ और करण बव है। राहु काल शाम 4:51 – शाम 6:29 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

वाराणसी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 4 मई 2037पंचमीमूलसुबह 6:58 – सुबह 8:37
मंगल, 5 मई 2037षष्ठीपूर्वाषाढ़ादोपहर 3:12 – शाम 4:51
बुध, 6 मई 2037सप्तमीउत्तराषाढ़ासुबह 11:54 – दोपहर 1:33
गुरु, 7 मई 2037अष्टमीश्रवणदोपहर 1:34 – दोपहर 3:13
शुक्र, 8 मई 2037नवमीधनिष्ठासुबह 10:15 – सुबह 11:54
शनि, 9 मई 2037दशमीशतभिषासुबह 8:35 – सुबह 10:15

सामान्य प्रश्न

रवि, 3 मई 2037 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; शाम 6:09 तक।

रवि, 3 मई 2037 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; तड़के 5:50 तक।

रवि, 3 मई 2037 को वाराणसी में राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल शाम 4:51 – शाम 6:29 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 3 मई 2037 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:20 और सूर्यास्त शाम 6:29 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।