दैनिक पंचांग
वाराणसी पंचांग, शनि, 16 सितंबर 2034
शनि, 16 सितंबर 2034 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:44 पर और सूर्यास्त शाम 6:01 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि चतुर्थी है, जो रात 3:54 तक रहेगी, और नक्षत्र चित्रा है, जो तड़के 5:36 तक रहेगा। योग ब्रह्म और करण वणिज है। राहु काल सुबह 8:48 – सुबह 10:20 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:44
- सूर्यास्त
- शाम 6:01
- तिथि
- चतुर्थी · रात 3:54 तक
- नक्षत्र
- चित्रा · तड़के 5:36 तक
- योग
- ब्रह्म
- करण
- वणिज
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:48 – सुबह 10:20
- यमगंड
- दोपहर 1:24 – दोपहर 2:57
- गुलिक काल
- तड़के 5:44 – सुबह 7:16
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
- अमृत काल
- दोपहर 2:11 – दोपहर 3:43
आज वाराणसी में
शनि, 16 सितंबर 2034 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:44 पर और सूर्यास्त शाम 6:01 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि चतुर्थी है, जो रात 3:54 तक रहेगी, और नक्षत्र चित्रा है, जो तड़के 5:36 तक रहेगा। योग ब्रह्म और करण वणिज है। राहु काल सुबह 8:48 – सुबह 10:20 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 17 सितंबर 2034 | पंचमी | स्वाती | शाम 4:28 – शाम 6:00 |
| सोम, 18 सितंबर 2034 | पंचमी | विशाखा | सुबह 7:16 – सुबह 8:48 |
| मंगल, 19 सितंबर 2034 | षष्ठी | अनुराधा | दोपहर 2:54 – शाम 4:26 |
| बुध, 20 सितंबर 2034 | सप्तमी | ज्येष्ठा | सुबह 11:51 – दोपहर 1:22 |
| गुरु, 21 सितंबर 2034 | अष्टमी | मूल | दोपहर 1:22 – दोपहर 2:53 |
| शुक्र, 22 सितंबर 2034 | नवमी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 10:19 – सुबह 11:50 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 16 सितंबर 2034 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 3:54 तक।
शनि, 16 सितंबर 2034 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; तड़के 5:36 तक।
शनि, 16 सितंबर 2034 को वाराणसी में राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल सुबह 8:48 – सुबह 10:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 16 सितंबर 2034 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:44 और सूर्यास्त शाम 6:01 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।