दैनिक पंचांग
वाराणसी पंचांग, गुरु, 30 मार्च 2034
गुरु, 30 मार्च 2034 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:51 पर और सूर्यास्त शाम 6:13 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि एकादशी है, जो शाम 6:07 तक रहेगी, और नक्षत्र आश्लेषा है, जो रात 10:48 तक रहेगा। योग सुकर्मा और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:35 – दोपहर 3:08 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:51
- सूर्यास्त
- शाम 6:13
- तिथि
- एकादशी · शाम 6:07 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा · रात 10:48 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- वणिज
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:35 – दोपहर 3:08
- यमगंड
- तड़के 5:51 – सुबह 7:24
- गुलिक काल
- सुबह 8:57 – सुबह 10:30
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:31 – दोपहर 12:19
- अमृत काल
- सुबह 11:16 – दोपहर 12:49
आज वाराणसी में
गुरु, 30 मार्च 2034 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:51 पर और सूर्यास्त शाम 6:13 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि एकादशी है, जो शाम 6:07 तक रहेगी, और नक्षत्र आश्लेषा है, जो रात 10:48 तक रहेगा। योग सुकर्मा और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:35 – दोपहर 3:08 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 31 मार्च 2034 | द्वादशी | मघा | सुबह 10:29 – दोपहर 12:02 |
| शनि, 1 अप्रैल 2034 | त्रयोदशी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 8:56 – सुबह 10:29 |
| रवि, 2 अप्रैल 2034 | चतुर्दशी | उत्तरा फाल्गुनी | शाम 4:41 – शाम 6:14 |
| सोम, 3 अप्रैल 2034 | पूर्णिमा | हस्त | सुबह 7:21 – सुबह 8:54 |
| मंगल, 4 अप्रैल 2034 | प्रतिपदा | हस्त | दोपहर 3:08 – शाम 4:42 |
| बुध, 5 अप्रैल 2034 | द्वितीया | चित्रा | दोपहर 12:01 – दोपहर 1:34 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 30 मार्च 2034 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 6:07 तक।
गुरु, 30 मार्च 2034 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; रात 10:48 तक।
गुरु, 30 मार्च 2034 को वाराणसी में राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल दोपहर 1:35 – दोपहर 3:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 30 मार्च 2034 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:51 और सूर्यास्त शाम 6:13 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।