दैनिक पंचांग
वाराणसी पंचांग, मंगल, 29 नवंबर 2033
मंगल, 29 नवंबर 2033 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:25 पर और सूर्यास्त शाम 5:07 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि सप्तमी है, जो सुबह 9:25 तक रहेगी, और नक्षत्र धनिष्ठा है, जो सुबह 9:00 तक रहेगा। योग ध्रुव और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:26 – दोपहर 3:47 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:25
- सूर्यास्त
- शाम 5:07
- तिथि
- सप्तमी · सुबह 9:25 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा · सुबह 9:00 तक
- योग
- ध्रुव
- करण
- वणिज
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 2:26 – दोपहर 3:47
- यमगंड
- सुबह 9:05 – सुबह 10:26
- गुलिक काल
- सुबह 11:46 – दोपहर 1:06
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:19 – दोपहर 12:07
- अमृत काल
- सुबह 8:25 – सुबह 9:45
आज वाराणसी में
मंगल, 29 नवंबर 2033 को वाराणसी में सूर्योदय सुबह 6:25 पर और सूर्यास्त शाम 5:07 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि सप्तमी है, जो सुबह 9:25 तक रहेगी, और नक्षत्र धनिष्ठा है, जो सुबह 9:00 तक रहेगा। योग ध्रुव और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:26 – दोपहर 3:47 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 30 नवंबर 2033 | अष्टमी | शतभिषा | सुबह 11:46 – दोपहर 1:06 |
| गुरु, 1 दिसंबर 2033 | नवमी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 1:07 – दोपहर 2:27 |
| शुक्र, 2 दिसंबर 2033 | एकादशी | रेवती | सुबह 10:27 – सुबह 11:47 |
| शनि, 3 दिसंबर 2033 | द्वादशी | अश्विनी | सुबह 9:07 – सुबह 10:27 |
| रवि, 4 दिसंबर 2033 | त्रयोदशी | भरणी | दोपहर 3:47 – शाम 5:07 |
| सोम, 5 दिसंबर 2033 | चतुर्दशी | कृत्तिका | सुबह 7:49 – सुबह 9:09 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 29 नवंबर 2033 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 9:25 तक।
मंगल, 29 नवंबर 2033 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; सुबह 9:00 तक।
मंगल, 29 नवंबर 2033 को वाराणसी में राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल दोपहर 2:26 – दोपहर 3:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 29 नवंबर 2033 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:25 और सूर्यास्त शाम 5:07 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।