दैनिक पंचांग
वाराणसी पंचांग, शुक्र, 30 अप्रैल 2032
शुक्र, 30 अप्रैल 2032 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:22 पर और सूर्यास्त शाम 6:28 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि पंचमी है, जो दोपहर 2:52 तक रहेगी, और नक्षत्र मूल है, जो सुबह 9:48 तक रहेगा। योग शिव और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:17 – सुबह 11:55 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:22
- सूर्यास्त
- शाम 6:28
- तिथि
- पंचमी · दोपहर 2:52 तक
- नक्षत्र
- मूल · सुबह 9:48 तक
- योग
- शिव
- करण
- तैतिल
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:17 – सुबह 11:55
- यमगंड
- दोपहर 3:11 – शाम 4:50
- गुलिक काल
- सुबह 7:00 – सुबह 8:39
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
- अमृत काल
- दोपहर 12:44 – दोपहर 2:22
आज वाराणसी में
शुक्र, 30 अप्रैल 2032 को वाराणसी में सूर्योदय तड़के 5:22 पर और सूर्यास्त शाम 6:28 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि पंचमी है, जो दोपहर 2:52 तक रहेगी, और नक्षत्र मूल है, जो सुबह 9:48 तक रहेगा। योग शिव और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:17 – सुबह 11:55 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल वाराणसी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 1 मई 2032 | षष्ठी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 8:38 – सुबह 10:16 |
| रवि, 2 मई 2032 | सप्तमी | उत्तराषाढ़ा | शाम 4:50 – शाम 6:29 |
| सोम, 3 मई 2032 | अष्टमी | श्रवण | सुबह 6:59 – सुबह 8:37 |
| मंगल, 4 मई 2032 | नवमी | शतभिषा | दोपहर 3:12 – शाम 4:51 |
| बुध, 5 मई 2032 | एकादशी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 11:54 – दोपहर 1:33 |
| गुरु, 6 मई 2032 | द्वादशी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 1:34 – दोपहर 3:13 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 30 अप्रैल 2032 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; दोपहर 2:52 तक।
शुक्र, 30 अप्रैल 2032 को वाराणसी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; सुबह 9:48 तक।
शुक्र, 30 अप्रैल 2032 को वाराणसी में राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल सुबह 10:17 – सुबह 11:55 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 30 अप्रैल 2032 को वाराणसी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:22 और सूर्यास्त शाम 6:28 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।